बर्नी सैंडर्स बोले- कश्मीर में भारत का क़दम अस्वीकार्य

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अमरीका के वरिष्ठ नेता और डेमोक्रेटिक पार्टी से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी की रेस में शामिल रहे बर्नी सैंडर्स ने कहा है कि कश्मीर में भारत का क़दम अस्वीकार्य है.
उन्होंने ये भी कहा है कि वो कश्मीर के हालात को लेकर चिंतित हैं.
वर्मोंट से सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने कहा है कि सुरक्षा के नाम पर कश्मीर में विरोध की आवाज़ को दबाने से स्वास्थ्य सेवाओं तक लोगों की पहुंच भी बाधित हुई है.
उन्होंने कहा, "भारत में कई डॉक्टरों ने माना है कि कश्मीर में भारत सरकार की ओर लगाए गए प्रतिबंधों की वजह से मरीज़ों को जीवनरक्षक इलाज तक नहीं मिल पा रहा है."
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अमरीका में मुसलमानों के एक सम्मेलन में बोलते हुए सैंडर्स ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में संचार सेवाओं पर लगाए गए प्रतिबंध तुरंत हटाए जाने चाहिए. उन्होंने ये भी कहा कि अमरीकी सरकार को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकारों के समर्थन में प्रखर होकर बोलना चाहिए.
एक दिन पहले ही अमरीकी सांसद एंडी लेविन ने भी कश्मीर को लेकर उठाए गए नरेंद्र मोदी सरकार के क़दम की आलोचना करते हुए कहा था कि मोदी ने लोकतांत्रिक मूल्यों और मानवाधिकारों को चोट पहुंचाई है.
इसी बीच एक अमरीकी थिंक टैंक ने कहा है कि भारत प्रशासित कश्मीर के हालात का असर अफ़ग़ानिस्तान में शांति वार्ता पर भी पड़ सकता है.

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इसी सम्मेलन में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने भी वीडियो कॉन्फ़्रेन्सिंग के ज़रिए भाषण दिया. इमरान ख़ान ने कहा कि भारत में जो हो रहा है उसके बारे में पश्चिमी दुनिया को बताने की ज़रूरत है.
इस्लामिक सोसायटी ऑफ़ नॉर्थ अमेरिका के 56वें अधिवेशन में बोलते हुए इमरान ख़ान ने कहा, "आपको पश्चिमी दुनिया को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बारे में समझाना होगा."

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इमरान ख़ान ने अपने उस बयान को फिर दोहराया जिसमें वो कह चुके हैं कि आरएसएस हिंदुओं की नस्लीय श्रेष्ठता में यक़ीन रखती है और भारत से मुसलमानों का नस्लीय सफ़ाया करना चाहती है.
इमरान ख़ान ने कहा, "हाल के चुनावों में बीजेपी की जीत के बाद आरएसएस के मज़बूत ताक़त बनकर उभरी है."
उन्होंने कहा, "नाज़ी पार्टी ने साबित किया था कि एक छोटा बेहद व्यवस्थित विचारधारा समूह वास्तव में एक देश को नियंत्रण में ले सकता है. भारत में भी यही हुआ है. एक चरमपंथी विचारधारा ने भारत को नियंत्रण में ले लिया है."
वीडियो लिंक के ज़रिए दिए अपने संदेश में इमरान ख़ान ने आईएसएनए (इस्लामिक सोसायटी ऑफ़ नॉर्थर्न अमेरिका) से कश्मीर के मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय जगत में जागरूकता फैलाने की अपील भी की.

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इसी बीच पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी उमरकोट में एक हिंदू मंदिर में पाकिस्तानी हिंदुओं को संबोधित करते हुए बताया कि यूरोपीय संघ में सोमवार को कश्मीर के मुद्दे पर चर्चा होगी.
उन्होंने कहा, "भारत ने यूरोपीय संघ को पाकिस्तान की गुज़ारिश पर दो सितंबर को कश्मीर पर चर्चा करने से रोकने के नाकाम प्रयास किए."
उन्होंने ये भी बताया कि लंदन के हाइड पार्क में लोग बड़ी तादाद में जमा होंगे और कश्मीर के मुद्दे पर भारतीय उच्चायुक्त, ब्रितानी सांसदों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं से मिलेंगे.
क़ुरैशी ने ये भी कहा कि वो जल्द ही कश्मीर का मामला रखने के लिए जेनेवा भी जाएंगे.
हिंदू मंदिर में बोलते हुए क़ुरैशी ने कहा, "भारत सरकार ने कश्मीरी लोगों को नमाज़ पढ़ने से रोक दिया है लेकिन पाकिस्तान में सभी ग़ैरमुसलमान अपने धर्मस्थलों में पूजा करने के लिए पूरी तरह आज़ाद हैं."
उन्होंने कहा, "आपने वहां मस्जिदों को खाली कर दिया है, लेकिन यहां मंदिरों का पूरा सम्मान है."
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