बहरीन में अरुण जेटली पर मोदी ने कहा, आज मेरा दोस्त चला गया

नरेंद्र मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को बहरीन पहुंचे और वहां पर उन्होंने भारतीय समुदाय को संबोधित किया.

प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि किसी भारतीय प्रधानमंत्री को बहरीन आने में 70 साल लग गए. मोदी बहरीन का दौरा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं.

भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली का ज़िक्र भी किया. शनिवार को दिल्ली के एम्स अस्पताल में अरुण जेटली का निधन हो गया.

उन्होंने अपने भाषण के दौरान कहा कि देश आज जन्माष्टमी का उत्सव मना रहा है लेकिन इसी पल उनके भीतर एक गहरा शोक और दर्द दबा हुआ है.

उन्होंने कहा, "विद्यार्थी काल से जिस दोस्त के साथ सार्वजनिक जीवन के एक के बाद एक क़दम हम मिलकर के चले. राजनीतिक यात्रा साथ-साथ चली. हर पल एक-दूसरे के साथ जुड़े रहना, सपनों को सजाना, सपनों को निभाना. मैं कल्पना नहीं कर सकता हूं कि मैं इतना दूर बैठा हूं और मेरा एक दोस्त चला गया."

प्रधानमंत्री मोदी ने भावुक होते हुए अगस्त महीने पर कहा, "कुछ दिन पहले हमारी पूर्व विदेश मंत्री बहन सुषमा जी चली गईं और आज मेरा दोस्त अरुण चला गया. बड़ी दुविधा का पल है मेरे सामने. एक तरफ़ कर्तव्य भाव से बंधा हुआ हूं दूसरी तरफ़ दोस्ती का एक सिलसिला भावनाओं से भरा हुआ है."

वीडियो कैप्शन, अरुण जेटलीः अटल, आडवाणी के साथ जेल से लेकर मोदी के विश्वस्त होने तक

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह बहरीन की धरती से अरुण जेटली को नमन करते हैं. इसी के साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने अपने तकरीबन एक घंटे लंबे भाषण को ख़त्म किया.

मोदी और जेटली

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श्रीनाथ मंदिर जाएंगे मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को श्रीनाथजी मंदिर जाएंगे. उन्होंने कहा कि वह वहां जाकर सभी की और मेज़बान देश की समृद्धि और शांति की प्रार्थना करेंगे और यह इस पूरे क्षेत्र में सबसे पुराना मंदिर है.

उन्होंने कहा, "सौभाग्य की बात है कि कल इस मंदिर के पुनर्विकास का काम भी औपचारिक रूप से शुरू किया जाएगा. यह मंदिर आपके अंदर बसी आस्था का जीता जागता प्रतिबिंब है. यह बहरीन की विविधता और सामंजस्य की उत्कृष्ण परंपरा का प्रतीक भी है."

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बहरीन से भारत के संबंध व्यापार और कारोबार से भी आगे हैं और दोनों देशों के लोग एक-दूसरे के यहां आते-जाते रहे हैं जिसकी छाप साफ़ दिखती है.

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