You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
समझौता के बाद अब पाकिस्तान ने थार एक्सप्रेस भी की बंद
समझौता एक्सप्रेस को बंद करने के बाद अब पाकिस्तानी सरकार ने कहा है कि वह थार एक्सप्रेस को भी निलंबित कर रहा है. भारत की ओर से जम्मू-कश्मीर से विशेष दर्जा वापस लेने के विरोध में पाकिस्तान ने यह फ़ैसला लिया है.
पाकिस्तान ने दिल्ली से लाहौर के लिए चलने वाली समझौता एक्सप्रेस को गुरुवार को निलंबित कर दिया गया था. अब बाड़मेर (राजस्थान) के मोनाबो से पाकिस्तान के सिंध में खोकरापार तक जाने वाली थार एक्सप्रेस को निलंबित किया गया है.
पाकिस्तान के रेल मंत्री शेख रशीद अहमद ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेस मे कहा, "हमने थार एक्सप्रेस को भी बंद करने का फ़ैसला किया है."
रशीद ने कहा कि वह जब तक रेल मंत्री रहेंगे तब तक पाकिस्तान और भारत में कोई भी ट्रेन नहीं चलेगी.
समझौता और थार एक्सप्रेस को बंद करने के अलावा कल ही पाकिस्तान ने अपने यहां बॉलिवुड की फ़िल्मों के प्रदर्शन को प्रतिबंधित कर दिया था. भारतीय विदेश मंत्रालय ने समझौता एक्सप्रेस बंद करने पर कहा है कि यह 'एकतरफ़ा फ़ैसला' है और इसके लिए उनसे नहीं कहा गया था.
इसके अलावा अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी करने के विरोध में पाकिस्तान ने भारत के साथ अपने राजनयिक रिश्तों को कम कर दिया था और व्यापारिक रिश्ते समाप्त कर दिए थे.
पाकिस्तान ने कहा था कि उसने भारतीय उच्चायुक्त को लौट जाने के लिए कहा है और वह भी अपने उच्चायुक्त को जल्द ही वापस बुला लेगा. भारत ने पाकिस्तान से अपील की थी कि वह अपने फ़ैसले पर पुनर्विचार करे.
'हमेशा के लिए बंद' समझौता
पाकिस्तान ने गुरुवार को लाहौर से भारत के अटारी के बीच चलने वाली समझौता एक्सप्रेस ट्रेन को 'हमेशा के लिए बंद' करने की घोषणा की थी.
पाकिस्तान के रेल मंत्री शेख़ रशीद अहमद ने कहा था कि उन्होंने समझौता एक्सप्रेस को 'हमेशा के लिए' बंद करने का फ़ैसला किया है.
समझौता एक्सप्रेस को लेकर पाकिस्तान के रेल मंत्री शेख़ रशीद अहमद ने कहा, "ये नहीं हो सकता कि कश्मीरियों पर ज़ुल्म हो और पाकिस्तान की क़ौम ख़ामोश होकर तमाशा देखती रहे. ऐसे में समझौता एक्सप्रेस को हमेशा-हमेशा के लिए ख़त्म कर दिया गया है."
उन्होने कहा, "जिन लोगों के टिकटों के पैसे हैं, उन्हें नहीं काटा जाएगा. पूरे पैसे लौटा दिए जाएंगे."
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो सकते हैं.)