यमन: सेना की परेड पर मिसाइल और ड्रोन से हमला, 32 की मौत

यमन

इमेज स्रोत, Reuters

यमन में एक मिलिट्री परेड के दौरान हुए हमले में कम से कम 32 लोगों की मौत हो गई है.

हूती विद्रोहियों ने मिलिट्री परेड को मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाया.

हूती विद्रोहियों द्वारा चलाए जाने वाले एक टीवी चैनल के अनुसार ये परेड यमन के दक्षिणी इलाक़े में बसे तटीय शहर अदन में हो रही थी.

अदन शहर यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार का शक्ति केंद्र है.

इससे पहले अदन शहर में ही एक पुलिस स्टेशन में आत्मघाती बम धमाका हुआ था जिसमें 10 लोग मारे गए थे. हालांकि अभी ये स्पष्ट नहीं है कि क्या इन दोनों हमलों के तार आपस में जुड़े हैं.

हूती विद्रोहियों का कहना है कि सरकार समर्थित सुरक्षाबल उनपर एक और हमले की तैयारी करने के लिए ये परेड कर रहे थे. हालांकि सरकार का कहना है कि ये नए बहाल हुए सैनिकों के लिए 'ग्रैजुएशन सेरेमनी' थी.

मिलिट्री परेड पर हमले के बाद वहां का मंज़र डरा देने वाला था. एक चश्मदीद ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि शवों के चीथड़े ज़मीन पर पड़े थे और सैनिक रो रहे थे.

चश्मदीद के मुताबिक़, "धमाका उस स्टैंड के पीछे हुआ जहां आयोजन हो रहा था. मैंने सैनिकों को एक शव के पास रोते हुए देखा. शायद वो उनके कमांडर का शव था...''

यमन

इमेज स्रोत, Reuters

अंतरराष्ट्रीय मेडिकल एजेंसी एमएसफ़ का कहना है कि इस हमले में दर्जनों लोग बुरी तरह घायल भी हुए हैं.

जिस सैन्य शिविर में हमला हुआ वो सरकार समर्थित सुरक्षाबलों से जुड़ा है और उसे 'सुरक्षा बेल्ट' के नाम से जाना जाता है.

यमन लंबे समय से युद्ध की विभीषिका से ग्रस्त है, ख़ासकर मार्च, 2015 से. मार्च, 2015 में हूती विद्रोहियों ने देश के पश्चिम में एक बड़े इलाक़े पर क़ब्ज़ा कर लिया था और तत्कालीन राष्ट्रपति अबद रबू मंसूर हादी को यमन छोड़कर भागने पर मजबूर कर दिया था.

वीडियो कैप्शन, यमन: जहां लोग पत्ते खाने को हैं मजबूर

क्षेत्रीय शिया देश ईरान के सैन्य समर्थन से हूती विद्रोहियों की रोज़ाना बढ़ रही ताक़त से चिंतित सऊदी अरब ने आठ दूसरे सुन्नी देशों के साथ मिलकर गठबंधन सेना का गठन किया और हादी सरकार को सत्ता में वापस लाने के लिए यमन में हवाई सैन्य अभियान शुरू कर दिया.

सुन्नी देशों के गठबंधन को अमरीका, ब्रिटेन और फ़ांस से ख़ुफ़िया जानाकारियां और सैन्य अभियान में काम आने वाले सामान भी मिलते रहे हैं.

सऊदी समर्थित सेना के हमलों में अब तक 10,000-70,000 लोग मारे जा चुके हैं. मरने वालों में ज़्यादातर यमन के नागरिक हैं और क़रीब दो-तिहाई लोग तो सिर्फ़ सऊदी गठबंधन सेना के हवाई हमले में मारे गए हैं.

संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं समय-समय पर यमन के हालात पर चिंता जताती रहती हैं लेकिन इनका कुछ ख़ास असर देखने को नहीं मिला है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)