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वो अरब देश जिसने 'फ़ीमेल वायग्रा' को दी मंज़ूरी
मिस्र पहले अरब देश बन गया है जिसने महिलाओं में कामोत्तेजना बढ़ाने वाली दवा के उत्पादन और बिक्री को मंज़ूरी दे दी है.
बीबीसी संवाददाता सैली नाबिल ने जानने की कोशिश की कि सामाजिक तौर पर रूढ़िवादी माने जाने वाले इस देश में इसके लिए कितना बड़ा बाज़ार है.
"ये गोली खाने के बाद मुझे थकान होने लगी, नींद आने लगी और मेरे दिल की धड़कन भी तेज़ हो गई."
ये कहना है लैला (बदला हुआ नाम) का जिन्होंने कथित तौर पर 'फ़ीमेल वायग्रा' कही जाने वाली दवाई की गोली पहली बार ली. इस दवाई को केमिकल भाषा में फ्लिबानसेरिन कहा जाता है.
आज से तीन साल पहले अमरीका में इसके इस्तेमाल को मंज़ूरी दे दी गई थी और अब मिस्र में एक स्थानीय कंपनी इस दवा का उत्पादन कर रही है.
लैला की उम्र करीब तीस साल है वो एक रूढ़िवादी परिवार की बहू हैं. वो अपनी पहचान ज़ाहिर नहीं करना चाहती क्योंकि मिस्र में और महिलाओं की तरह वो भी मानती हैं कि यहां यौन समस्याओं और यौन ज़रूरतों पर बात करने पर पाबंदी है.
उनकी शादी को दस साल हो चुके हैं. उनका कहना है कि उन्होंने "जिज्ञासावश" ये दवा खरीदने का फ़ैसला किया.
लैला को कोई स्वास्थ्य समस्या नहीं है और उन्होंने ये दवा बिना डॉक्टरी सलाह के ली है. मिस्र में ऐसा करना आम बात है क्योंकि यहां काफी लोग बिना डॉक्टरी सलाह के सीधे केमिस्ट की दुकान से दवा खरीद लेते हैं.
गोली से तौबा!
वो कहती हैं, "फार्मेसिस्ट ने मुझे बताया कि कुछ सप्ताह तक हर रात एक गोली लेनी चाहिए. उसने कहा कि इसके कोई साइड इफेक्ट नहीं होंगे."
"मैं और मेरे पति देखना चाहते थे कि इसका क्या असर होता है. मैंने एक बार कोशिश की लेकिन अब मैं फिर कभी ये गोली नहीं लूंगी."
मिस्र में तलाक की दर धीरे-धीरे बढ़ रही है और कुछ स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दंपतियों के बीच यौन समस्याएं इसकी एक बड़ी वजह हैं.
फ्लिबानसेरिन के स्थानीय निर्माता का कहना है कि देश में हर दस में तीन महिलाओं में कामोत्तेजना कम होने की परेशानी है. लेकिन ये आंकड़े अंदाज़ा भर हैं क्योंकि इस देश में इससे संबंधित किसी तरह के आंकड़े मौजूद नहीं हैं.
कंपनी के प्रतिनिधि अशरफ़ अल मराग़ी कहते हैं, "इस दवा की यहां बहुत ज़रूरत है."
मराग़ी कहते हैं कि ये दवा इस्तेमाल के लिए सुरक्षित है और असरदार है और इस कारण अगर थकान और नींद आती है तो ये लक्षण भी जल्द ख़त्म हो जाएंगे. हालांकि कई फार्मासिस्ट और डॉक्टर इससे इत्तेफ़ाक नहीं रखते.
एक फार्मासिस्ट जिनसे मैंने बात की उनका कहना है कि इस दवा के कारण व्यक्ति का रक्तचाप कम होकर 'चिंताजनक स्तर' तक पहुंच सकता है और दिल और यकृत की बीमारी से जूझ रहे लोगों को इस दवा के सेवन से बचना चाहिए.
उत्तरी काहिरा में फार्मेसी चलाने वाले मुराद सादिक़ कहते हैं कि वो इसके साइड इफेक्ट के बारे में अपने ग्राहकों को हमेशा बताते हैं लेकिन वो "उन्हें दवा खरीदने के लिए राज़ी भी करते हैं."
"रोज़ करीब दस लोग ये दवा खरीदने आते हैं. इनमें से अधिकतर पुरुष होते हैं. महिलाएं शर्म के कारण इसे खरीदने के लिए सामने नहीं आतीं."
'ये सोच का मामला है'
मुराद सादिक की फार्मेसी में मैंने देखा कि एक विज्ञापन में फ्लिबानसेरिन को "गुलाबी गोली" कहा गया है. इसे "नीली गोली" का महिला संस्करण कहा जा रहा है. मिस्र में पुरुषों के लिए वायग्रा को "नीली गोली" कहा जाता है.
लेकिन दवा उत्पादकों का कहना है कि इसे "फ़ीमेल वायग्रा" कहना ग़लत होगा. मराग़ी कहते हैं "ये शब्द तो मीडिया सामने ले कर आई है."
पुरुषों में वायग्रा पेनिस में खून का बहाव बढ़ा कर इरेक्टाइल डिसफंक्शन को ठीक करता है. वहीं महिलाओं में फ्लिबानसेरिन दिमाग़ में केमिकल बैलेंस कर उनमें अवसादरोधक औषधि और यौन इच्छा बढ़ाने का काम करता है.
सेक्स थेरपिस्ट हीबा क़ौतुब ने अपने पास आने वाले मरीज़ों को इस दवा का सुझाव देने से मना कर दिया है. वो कहती हैं कि "इसे फ़ीमेल वायग्रा कहना ग़लत है."
वो कहती हैं, "शारीरिक और मानसिक समस्याओं से जूझने वाली महिलाओं के लिए ये दवा कभी काम ही नहीं करेगी."
"महिलाओं के लिए सेक्स एक भावनात्मक प्रक्रिया है. ये उनके लिए सोच का मसला है. अगर किसी महिला के पति उसके साथ बुरा बर्ताव करते हैं को वो महिला कभी उनके साथ स्वस्थ शारीरिक संबंध नहीं रख पाएगी. ऐसे मामले में कोई दवा काम नहीं आएगी."
हीबा क़ौतुब कहती हैं कि फ्लिबानसेरिन से लाभ बहुत कम हैं और ये ख़तरा लेने लायक नहीं. वो चेतावनी देती हैं, "रक्तचाप का कम हो जाना भी गंभीर मुश्किल पैदा कर सकता है. "
अपनी यौन समस्याओं के बारे में खुल कर बात करने के मामले में अभी मिस्र की महिलाओं को लंबा वक्त लगेगा.
लैला कहती हैं कि वो ऐसी कई महिलाओं को जानती हैं "जिन्होंने शादी में तनाव के कारण यौन संबंधों में भी खटास आने के बाद, तलाक के लिए आवेदन किया है."
"अगर यौन संबंधों के मामले में आपके पति कमज़ोर हैं तो आप उनकी मदद कर सकते हैं और उनका इलाज करा सकते हैं. लेकिन ये तभी संभव है जब वो आपसे प्यार करते हों. लेकिन अगर आपके पति आपको प्रताड़ित कर रहे हैं तो आप खुद उनमें दिलचस्पी लेना ख़त्म कर देते हैं. ऐसे में अगर वो बिस्तर पर ठीक भी हों तो कोई फ़र्क नहीं पड़ता. लेकिन पुरुष इस नाज़ुक मसले को समझते नहीं हैं."
हालांकि फ्लिबानसेरिन की बिक्री शुरू हुए अभी अधिक वक्त नहीं हुआ है, लेकिन मुराद सादिक़ को उम्मीद है कि इसकी मांग बढ़ेगी.
लेकिन क़ौतुब, शादी पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर चिंता ज़ाहिर करती हैं.
वो कहती हैं, "अगर कोई पुरुष ये देखता है कि दवा लेने के बद भी उनकी पत्नी की कामोत्तेजना नहीं बढ़ रही है तो वो इसका दोष महिला पर ही लगाएगा. वो इसका दोष बेसअर हो रही दवाई और रिश्ते में तनाव को नहीं देंगे. वो इस कारण अपनी पत्नी को छोड़ भी सकते हैं."
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