You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
फ़्रांस में महंगाई के ख़िलाफ़ प्रदर्शन जारी, सौ से ज़्यादा घायल
पेरिस में पुलिस ने लगातार चौथे सप्ताहांत में प्रदर्शन कर रहे लोगों पर रबड़ की गोलियां चलायी हैं और आंसू गैस का इस्तेमाल किया है.
राजधारी पेरिस के अलावा शनिवार को देश के कई शहरों में सरकार विरोधी प्रदर्शन हुए हैं. कई जगहों पर प्रदर्शन हिंसक भी हो गए.
फ़्रांस के गृह मंत्रालय के मुताबिक प्रदर्शनों में 118 लोग घायल हुए हैं जिनमें 17 पुलिसकर्मी शामिल हैं.
पांच सौ से ज़्यादा लोगों को हिरासत में भी लिया गया है.
पीली जर्सी अभियान के तहत देश में तेल पर बढ़ाए गए करों का विरोध किया जा रहा है लेकिन मंत्रियों का कहना है कि इस अभियान को 'अति-हिंसक' तत्वों ने हाईजैक कर लिया है.
शनिवार को देशभर में सवा लाख से ज़्यादा प्रदर्शनकारी जुटे. इनमें से दस हज़ार राजधानी पेरिस में इकट्ठा हुए. सबसे ज़्यादा हिंसा पेरिस में ही हुई है.
शनिवार शाम टीवी पर जारी संदेश में फ़्रांसीसी प्रधानमंत्री एडुअर्ड फिलिपे ने कहा कि शरारती तत्व अभी भी सक्रिय हैं.
उन्होंने इस मुद्दे को सुलझाने के लिए सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच और अधिक संवाद की मांग की. उन्होंने कहा कि बातचीत शुरू हो गई है और देश की एकजुटता को फिर से स्थापित करने का समय है.
इस सप्ताहांत क्या हुआ है?
पेरिस के अलावा कई और शहरों में भी प्रदर्शन हुए हैं जिनमें लियों, बोर्डो, टूलूज़, मार्से और ग्रेनोबल जैसे शहर भी शामिल हैं.
पेरिस और अन्य शहरों में जलवायु परिवर्तन के ख़िलाफ़ भी प्रदर्शन हुए हैं.
राजधानी में कई जगह प्रदर्शनकारी और पुलिस बल आमने-सामने आ गए. कई प्रदर्शनकारियों को दुकानों के शीशे तोड़ते भी देखा गया है. कई जगह कारों को आग लगा दी गई है और दीवारें पोत दी गई हैं.
एक वीडियो में पुलिस के आगे हाथ ऊपर करके खड़े व्यक्ति को धड़ में रबड़ की गोली लगते हुए दिख रही है. कम से कम तीन पत्रकार भी हिंसक झड़पों में घायल हुए हैं.
राजधानी पेरिस के केंद्रीय इलाक़े के पूर्व में प्रदर्शनकारियों पर पानी की बौछारें भी की गईं.
रात होते-होते प्रदर्शनकारी पेरिस के मुख्य चौराहे प्लेस डे ला रिपब्लिके में इकट्ठा होने लगे और शांज़े-एलीज़े इलाक़े में भारी पुलिस बल तैनात रहा.
झड़पों की आशंका के मद्देनज़र देशभर में 90 हज़ार से अधिक पुलसकर्मियों को तैनात किया गया. राजधानी पेरिस में आठ हज़ार पुलिसकर्मी और 12 बख़्तरबंद गाड़ियां सुरक्षा में तैनात रहीं.
प्रधानमंत्री फ़िलीपे ने आंतरिक मंत्रालय और पुलिस बलों की नुक़सान को सीमित रखने में कामयाब रहने पर प्रशंसा भी की है.
पिछले सप्ताह पेरिस में सैकड़ों लोग हिरासत में लिए गए थे और 162 घायल हुए थे. ये बीते कई दशकों में पेरिस की सड़कों पर हुई सबसे ख़राब हिंसा थी.
प्रदर्शनों की वजह से फ़्रांस की शीर्ष फ़ुटबॉल लीग के छह मैच टाल भी दिए गए हैं.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)