फ्रीडम ट्रैशकैन: महिलाओं की पत्रिकाएं

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'द लेडीज़ मर्क्यरी' को महिलाओं की पहली पत्रिका माना जाता है. इसकी शुरुआत साल 1963 में ब्रिटेन में की गई थी.

पत्रिका इस वायदे के साथ शुरू हुई थी कि वह महिलाओं के जीवन के प्यार, विवाह, व्यवहार, परिधान और हास्य-परिहास से जुड़े सभी पहलुओं को कवर करेगी- चाहे वह महिला कुंवारी हो, शादीशुदा हो या विधवा हो.

लेकिन आजकल महिलाओं की पत्रिकाएं मशहूर हस्तियों की ज़िंदग़ियों और फैशन को ज़्यादा कवर कर रही हैं. हालांकि कुछ ऐसी पत्रिकाएं भी हैं जो कई दूसरे मुद्दों को भी कवर करती हैं.

इस लिस्ट में से कोई एक चीज़ चुनिए और पता लगाइए कि ये कैसे आपके लिए एक दबाव की वजह बन सकती है.

पत्रिकाओं के मालिक दावे कर सकते हैं कि उनकी सफलता दर्शाती है कि वे वही सामग्री छाप रहे हैं, जो महिलाएं पढ़ना चाहती हैं.

लेकिन यह भी कहा जाता है कि इस दौर में सेलिब्रिटीज़ के लिए जो सनकपन है, वह नौजवानों की मानसिक सेहत बिगाड़ रहा है.

ब्रिटेन के एक हालिया सर्वे में 11 से 16 साल के 58 प्रतिशत बच्चों ने माना कि वह 'सेलेब्रिटी कल्चर' के कारण ही परफेक्ट दिखने का दबाव महसूस करते हैं.

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