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फ्रीडम ट्रैशकैन: ब्रा
सोशल मीडिया पर प्रभावशाली मौजूदगी वाली कई महिलाएं स्तनों के संबंध में चुस्त कपड़ों के बजाय सहूलियत का पक्ष लेती हैं.
100 विमेन में शामिल ब्लॉगर शिदेरा इगर कहती हैं, "ख़ूबसूरत दिखने के कई तरीके हैं और आपके 'भड़कीले' स्तन तय नहीं करते कि आप कितनी ख़ूबसूरत हैं."
ब्रिटेन के खुदरा विक्रेताओं का कहना है कि महिलाएं अब ढीली ढाली और आरामदायक ब्रा ज़्यादा ख़रीद रही हैं.
यह पहली बार नहीं है जब महिलाएं ब्रा के ख़िलाफ़ अभियान चला रही हैं. ब्रा के ख़िलाफ़ आंदोलन 1968 में 'मिस अमरीका ब्यूटी पीजेंट' के बाद शुरू हुआ था.
महिलाओं के एक समूह ने ब्रा समेत उन सभी परिधानों को कूड़ेदान में फेंक दिया था, जिन्हें वे दमन का प्रतीक मानती थीं. हालांकि उन्होंने उसे कभी जलाया नहीं.
हजारों साल से महिलाएं ब्रा पहनती आ रही हैं पर साल 1907 में वोग मैगज़ीन ने इसे 'ब्रा' का नाम दिया था. पहले ब्रा का एक ही साइज़ हुआ करता था. फिर ड्रेसमेकर इदा रोसेंथल ने अलग-अलग साइज़ के कप वाले ब्रा डिज़ाइन किए.
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