इस्तीफ़ा नहीं दूंगी, अंजाम तक पहुंचेगा ब्रेक्सिट - टेरीज़ा मे

ब्रेक्सिट

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ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरीज़ा मे ने ब्रेक्सिट के मुद्दे पर अपने पद इस्तीफ़ा देने से जुड़ी अटकलों को सिरे से ख़ारिज कर दिया है. उनका कहना है कि वो ब्रेक्सिट के समझौते को अंतिम पड़ाव तक पहुंचता हुआ जरूर देखेंगी.

गुरुवार को संसद में नेताओं के सवालों के जवाब देने के बाद जब वो बाहर निकलीं तो उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत की. उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, "जो रास्ता मैंने चुना है वो हमारे देश और लोगों के लिए सही है."

उन्होंने कहा कि मैं ये भी सुनिश्चित करने की कोशिश करूंगी कि ब्रसेल्स में (यूरोपीय संघ में शामिल देशों के राजनेताओं की बैठक) इस प्रस्ताव के मसौदे पर सहमति बने और उसके बाद इसे हमारे देश में नेताओं के सामने वोट के लिए पेश किया जा सके.

गुरुवार को ब्रिटेन में कैबिनेट की लंबी बैठक हुई जिसमें ब्रेक्सिट के मुद्दे पर चर्चा हुई. इसके बाद कई मंत्रियों ने इस्तीफ़े दिए और साथ ही टेरीज़ा मे के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव लाने की बात भी सुनने को मिली.

यूरोपीय संघ से ब्रिटेन के अलग होने के मसले को लेकर ब्रेक्सिट सेक्रेटरी डोमिनिक राब और वर्क एंड पेंशन्स सेक्रेटरी इस्थर मैक्वे समेत दो और युवा मंत्री इस्तीफ़ा दे चुके हैं.

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जेकब रीस-मॉग ने टेरीज़ा मे के ख़िलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के संबंध में 1922 की टोरी बैकबेंचर कमिटि के अध्यक्ष सर ग्राहम ब्रैडी को एक ख़त लिखा है.

अगर 48 या उससे अधिक टोरी मंत्रियों (राजनीतिक पार्टी जिसकी नेता टेरीज़ा मे हैं) ने अविश्वास प्रस्ताव लाने के संबंध में लिखित सहमति जताई तो अविश्वास प्रस्ताव लाने का रास्ता साफ हो जाएगा. बताया जा रहा है कि फिलहाल सर ग्राहम ब्रैडी को 48 गुज़ारिशें नहीं मिली हैं.

टोरीज़ा मे

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राष्ट्र के हित में है ब्रेक्सिट- टेरीज़ा मे

प्रधानमंत्री टेरीज़ा मे ने संवाददाताओं के सवालों के उत्तर देते हुए कहा, "मैं समझती हूं कि इस समझौते से कुछ लोग खुश हैं जबकि कुछ नाराज़ भी हैं. लेकिन, लोगों ने जिस फ़ैसले को चुना था ये समझौता वही डील है और ये राष्ट्र के हित में है."

"गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में हम लोगों ने एक मसौदे पर अपनी सहमति बनाई थी. अगर हम सभी उसका समर्थन करें तो इस डील को सफल बना सकते हैं."

"लेकिन अगर हम इस समझौते के साथ अपने कदम आगे नहीं बढ़ाते तो किसी को नहीं पता कि इसके क्या नतीजे हो सकते हैं. लोगों को कंज़र्वेटिव पार्टी से उम्मीदें हैं."

प्रेस वार्ता में टेरीज़ा मे से अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने की अटकलों के बारे में भी सवाल किए गए. इसके जवाब में टेरीज़े मे ने कहा, "नेतृत्व मुश्किल फ़ैसले लेने में होता है ना कि आसान रास्ता चुनने में. मेरा काम है कि मैं उस डील पर आगे बढ़ूं जिसके लिए ब्रिटेन के लोगों ने अपना वोट दिया था."

"मैं मानती हूं कि इस डील से ब्रिटेन का लाभ होगा और ये राष्ट्र के हित में हैं. मैं इस डील को अंतिम पड़ाव तक पहुंचाने की पूरी कोशिश करूंगी."

उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री के तौर पर मैं प्रतिबद्ध हूं कि मैं ब्रेक्सिट में ब्रिटेन के लिए सबसे बेहतर डील ला सकूं. मुझे लगता है कि इसे पूरी तरह समझने वाले मेरी पार्टी के नेता जान पाएंगे कि ये देश के हित में है और इस तरीके से अंजाम दिया जाना चाहिए कि हमारे नागरिकों की नौकरियां बचाई जा सकें, उनकी और देश की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके."

एंगेला मर्केल

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यूरोपीय संघ में शामिल नेताओं की प्रतिक्रिया

इधर यूरोपीय संघ में शामिल नेताओं ने ब्रेक्सिट के मसौदे पर फिर से ब्रिटेन के साथ चर्चा करने से इनकार कर दिया है और चेतावनी दी है कि यूके के राजनीतिक हालात को देखते हुए हो सकता है कि "ये डील ना हो".

जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल ने कहा कि फिर से बातचीत शुरु करने की "कोई गुंजाइश नहीं है" क्योंकि अब मसौदा "मेज़ पर रखा जा चुका है".

गुरुवार को लगा था कि वो इस बात से खुश हैं कि ब्रिटेन में इस पर कुछ हो रहा है. लेकिन बाद में ब्रितानी नेताओं के इस्तीफ़े देने की ख़बर आने के बाद उन्होंने कहा कि हो सकता है कि ये डील ना हो.

फ्रांस के प्रधानमंत्री एडूआर्डो फिलिप ने कहा है कि हमें उस स्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए जहां ब्रेक्सिट की डील ना हो क्योंकि फिलहाल "यूके में असमंजस की स्थिति" बनी हुई है.

प्रस्तावित मसौदा

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ब्रेक्सिट के मुद्दे पर ब्रिटेन के प्रस्तावित मसौदे पर चर्चा के लिए यूरोपीय संघ ने कई बैठकें करने का फ़ैसला किया है ताकि 25 नवंबर तक इस पर किसी फ़ैसले पर पहुंचा जा सके या फिर मुहर लगाई जा सके.

हालांकि, संघ के नेताओं का कहना है कि टेरीज़ा में ने फिलहाल इस 585 पन्नों के दस्तावेज़ पर कैबिनेट की सहमति तो ले ली है लेकिन अभी भी उसके लिए काफी काम बाकी है.

ब्रेक्सिट पर यूरोपीय संघ के मुख्य मध्यस्थ माइकल बार्नियर का कहना है, "दोनों पक्षों के सामने तय करने के लिए लंबा रास्ता है."

उनका कहना है, "ये समझौता निष्पक्ष और संतुलित है. इसमें ब्रिटेन की जरूरतों को ध्यान में रखा गया है और एक महत्वाकांक्षी नई साझेदारी के लिए जमीन तैयार की गई है."

माइकल बार्नियर और एंटोनियो तजानी

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इमेज कैप्शन, ब्रेक्सिट पर यूरोपीय संघ के मुख्य मध्यस्थ माइकल बार्नियर और यूरोपीय संसद के अध्यक्ष एंटोनियो तजानी

यूरोपीय संसद में ब्रेक्सिट प्रमुख गी वर्होफ्स्टाट का कहना है, "दो सालों तक चली गहन चर्चा" के बाद समझौते के इस मसौदे तक पहुंचा जा सका है और हमें उम्मीद है कि ब्रिटेन के नेता इस पर चर्चा करने के बाद इस पर सहमत होंगे."

"हमें ये मानना होगा कि हमारे पास फिर से शुरुआत में लौटने के लिए और वक्त नहीं है. हम ये नहीं कह सकते कि चलो एक बार फिर शून्य से सब शुरु करते हैं."

फ्रांस के वित्त मंत्री ब्रूनो ले मारी ने कहा, "फ्रांस की अर्थव्यवस्था के लिए ये डील अच्छी ख़बर है. हालांकि, उन्होंने कहा कि ब्रिटेन को यूरोपीय संघ के नियमों का पूरा पालन करना होगा.

ऑस्ट्रियाई चांसलर सेबेस्टियन कूर्ज़ ने कहा कि वो "खुश हैं और आशावादी हैं". उनका कहना है, "हम अपनी उम्मीदों को पूरा कर रहे हैं."

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