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तुर्की के पास है 'ख़ाशोज्जी की हत्या का सबूत'
अमरीकी मीडिया रिपोर्टों में दावा किया है कि सऊदी अरब के लापता पत्रकार जमाल ख़ाशोज्जी को लेकर तुर्की के अधिकारियों को ऑडियो और वीडियो सबूत मिले हैं.
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक इसमें इस्तांबुल स्थित सऊदी दूतावास में ख़ाशोज्जी को यातना दिए जाने और उनकी हत्या किए जाने की तस्वीरें हैं.
ख़ाशोज्जी सऊदी सरकार के आलोचक माने जाते थे. वो दो अक्टूबर को दूतावास में दाखिल हुए थे जिसके बाद से वो अब तक नज़र नहीं आए हैं.
रिपोर्टों के मुताबिक तुर्की ने अमरीकी अधिकारियों को बताया है कि "एक ऑडियो रिकॉर्डिंग से साफ सबूत मिलता है" कि सऊदी अरब के सुरक्षा अधिकारियों की एक टीम ख़ाशोज्जी की हत्या के पीछे है.
सऊदी अरब तुर्की के आरोपों से इनकार करता रहा है. उसका कहना है कि ख़ाशोज्जी दूतावास से बाहर निकल गए थे.
पत्रकार जमाल ख़ाशोज्जी का लापता होना और उनकी कथित मौत की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा की गई है. इससे सऊदी अरब के व्यावसायिक हितों को भी झटका लगा है.
बिज़नेस टाइकून सर रिचर्ड ब्रैनसन ने सऊदी अरब में एक अरब अमरीकी डॉलर निवेश को लेकर चल रही बातचीत रोक दी है. इस महीने होने वाली सऊदी इन्वेस्टमेंट कॉन्फ्रेंस से भी कई आला उद्योगपति अलग हो गए हैं.
रिकॉर्डिंग से क्या जानकारी मिलती है?
ताज़ा रिपोर्टों के मुताबिक़ दूतावास में ख़ाशोज्जी पर हमला और लोगों में संघर्ष हुआ. ये साफ नहीं है कि तुर्की अधिकारियों के अलावा भी क्या किसी और ने इन रिकॉर्डिंग को देखा और सुना है.
वाशिंगटन पोस्ट ने एक सूत्र के हवाले से लिखा है कि लोगों को ख़ाशोज्जी की पिटाई करते सुना जा सकता है. अख़बार आगे लिखता है कि रिकॉर्डिंग से ज़ाहिर है कि उनकी हत्या कर दी गई.
अख़बार ने एक और सूत्र के हवाले से बताया, "आप उनकी आवाज़ सुन सकते हैं और अरबी बोलने वाले दूसरे लोगों की आवाज़ भी सुनाई देती है. आप सुन सकते हैं कि उनसे किस तरह पूछताछ की गई. उन्हें टार्चर किया गया और बाद में हत्या कर दी गई."
ख़ाशोज्जी इस अख़बार के लिए कॉलम लिखते थे. तुर्की टीवी ख़ाशोज्जी के दूतावास में दाखिल होने की सीसीटीवी फुटेज पहले ही प्रसारित कर चुका है.
इसके अलावा भी एक वीडियो सामने आया है. इसमें सऊदी अरब के ख़ुफिया अधिकारी बताए जा रहे लोगों को तुर्की दूतावास के भीतर आते और वहां से जाते दिखाया गया है.
तुर्की की मीडिया के अनुसार 15 लोगों की ये टीम ख़ाशोज्जी के लापता होने की घटना में शामिल हैं.
बीबीसी को जानकारी दी गई है कि इनमें से एक माहर मुतरेब हैं जो ख़ुफिया विभाग में कर्नल हैं और लंदन में रहते हैं. एक अन्य शख्स को फॉरेंसिक विशेषज्ञ बताया गया है.
अब क्या हो रहा है?
सऊदी अरब का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को तुर्की की राजधानी अंकारा पहुंचा. ये दल तुर्की के अधिकारियों के साथ मामले की संयुक्त जांच में शरीक होगा.
रिपोर्टों के मुताबिक़ इसके एक दिन पहले सऊदी के शाही परिवार से जुड़े प्रिंस खालिद अल-फ़ैसल कुछ वक़्त के लिए तुर्की आए थे.
सऊदी अरब के शाही परिवार ने संकेत दिए हैं कि वो दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संकट का समाधान करना चाहते हैं.
बीबीसी के तुर्की संवाददाता मार्क लोवेन के अनुसार ख़ाशोज्जी के लापता होने को सऊदी के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और दुनिया के साथ सउदी अरब के रिश्तों की साख पर ख़तरे की तौर पर देखा जा रहा है.
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