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डोनल्ड ट्रंप की टिप्पणियों को उनकी ही पार्टी के लोगों ने बताया 'घटिया'
अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप को अपनी ही पार्टी के सहयोगियों से कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है.
रिपब्लिकन सीनेटरों ने सुप्रीम कोर्ट के लिए नामित किए गए जज पर यौन हमले का आरोप लगाने वाली महिला का मज़ाक उड़ाने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप की कड़ी निंदा की है.
सीनेटर जेफ़ फ़्लेक और सुज़न कॉलिन्स ने ट्रंप की टिप्पणियों को 'घटिया' और 'एकदम ग़लत' क़रार दिया.
एक रैली में ट्रंप ने कैवेनॉ पर आरोप लगाने वालीं प्रोफ़ेसर क्रिस्टीन ब्लेसी फ़ोर्ड की इस बात को लेकर खिल्ली उड़ाई थी कि उन्हें कथित यौन हमले के घटनाक्रम को लेकर महत्वपूर्ण बातें याद नहीं हैं.
पिछले हफ़्ते रिपब्लिकन राष्ट्रपति ट्रंप ने उन्हें "बेहद भरोसेमंद गवाह" कहा था.
कड़ी आलोचना
जज कैवेनॉ पर लगे आरोपों की एफ़बीआई से जांच करवाने की मांग करने वाले रिपब्लिकन सीनेटर जेफ़ फ़्लेक ने एनबीसी के कार्यक्रम 'टुडे' में कहा, "किसी भी जगह या समय पर इस तरह की टिप्पणियां नहीं की जानी चाहिए."
"किसी राजनीतिक सभा में इस तरह के संवेदनशील मामले पर बात करना सही नहीं है. यह बिल्कुल सही नहीं है. काश उन्होंने ऐसा न किया होता."
वहीं एक अन्य मॉडरेट रिपब्लिकन सीनेटर मिस कॉलिन्स ने बुधवार को पत्रकारों से कहा, "राष्ट्रपति की टिप्पणियां साफ़ तौर पर ग़लत हैं."
उन्होंने अभी तक स्पष्ट नहीं किया है कि वह जज कैवेनॉ के पक्ष में वोट करेंगी या नहीं.
बाद में नरम रुख़ रखने वालीं रिपब्लिकन सीनेटर लीसा मर्कोव्स्की ने भी राष्ट्रपति की आलोचना की. उन्होंने कहा कि ट्रंप का भाषण "पूरी तरह अनुचित" और "अस्वीकार्य" है.
जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या इससे उनका वोट प्रभावित हो सकता है, इसपर उन्होंने कहा, "मैं हर बात को ध्यान में रख रही हूं."
प्रभावित हो सकते हैं वोट
सुप्रीम कोर्ट में नौ जस्टिस जीवन भर के लिए नियुक्त कर दिए जाते हैं और उन्हें अमरीका के बेहद महत्वपूर्ण मामलों पर फ़ैसले देने होते हैं. इनमें गर्भपात, गन कंट्रोल और वोट देने के अधिकार भी शामिल हैं.
अगर ट्रंप द्वारा नामित 53 साल के कैवेनॉ आरोपों से बच जाते हैं और उनकी नियुक्ति हो जाती है तो सुप्रीम कोर्ट का सैद्धांतिक झुकाव रूढ़िवादी हो जाएगा.
मगर सीनेट में उनकी नियुक्ति के लिए मतदान होगा और उसमें रिपब्लिकन सीनेटरों के वोट काफ़ी अहमियत रखते हैं.
सीनेट में इस समय रिपब्लिकन पार्टी को 51-49 के अंतर से मामूली बढ़त हासिल है. अगर रिपब्लिकन अपने उम्मीदवार कैवेनॉ को सुप्रीम कोर्ट भेजना चाहते हैं तो मतदान में वे अपना सिर्फ़ एक वोट ही विपक्ष में जाने का ख़तरा उठा सकते हैं.
उस स्थिति में नतीजा टाई हो जाएगा और उपराष्ट्रपति माइक पेंस का मत अंतिम फ़ैसला निर्धारित करेगा.
ट्रंप ने क्या कहा था
मंगलवार रात को मिसीसिपी में एक रैली में ट्रंप ने 36 साल पहले हुए कथित यौन हमले को लेकर प्रोफ़ेसर फ़ोर्ड के बयान में स्पष्टता का अभाव होने को लेकर मज़ाक उड़ाया था.
उन्होंने कहा था, "वह घर कहां था? मुझे नहीं मालूम! ऊपर वाली मंज़िल पर हुआ या नीचे वाली मंज़िल पर हुआ, कहां हुआ? मुझे नहीं मालूम मगर मैंने एक बियर पी थी. मुझे बस इतना ही याद है. और इस तरह एक पुरुष की ज़िंदगी के बर्बाद हो गई."
हालांकि, पिछले हफ़्ते सीनेट में जब प्रोफ़ेसर फ़ोर्ड ने गवाही दी थी, उसके बाद बाद ट्रंप ने कहा था कि वह "बहुत अच्छी महिला" हैं.
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव सारा सैंडर्स ने ट्रंप का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने जो भी कहा वह तथ्यात्मक है. सैंडर्स ने कहा, "राष्ट्रपति इस बात से हताश हैं कि उनके द्वारा नामित किए गए जज के साथ ग़लत व्यवहार हो रहा है."
बाक़ी लोगों की प्रतिक्रिया
प्रोफ़ेसर फ़ोर्ड के वकील माइकल ब्रोमविच ने ट्रंप के शब्दों को "ख़राब, नीचतापूर्ण और बेरहम हमला" क़रार दिया.
उन्होंने कहा, "क्या अब इसमें कोई हैरानी की बात है कि वह क्यों सामने आने से डर रही थीं या यौन हमले से जूझने वाला कोई और क्यों सामने आने से डरेगा?"
सीनेट में डेमोक्रैटिक नेता चक शूमर ने बुधवार को कहा कि ट्रंप ने यौन हमले से जूझने वाली महिला की साफ़तौर पर खिल्ली उड़ाई है."
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