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अमरीकाः सुप्रीम कोर्ट के लिए नामित कैवेनॉ ने पार की पहली बाधा
अमरीकी सीनेट की एक समिति ने सुप्रीम कोर्ट के लिए राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की ओर से नामित ब्रेट कैवेनॉ की नियुक्ति को मंज़ूरी दे दी है.
इसी बीच कैवेनॉ की नियुक्ति पर समूची सीनेट का मतदान एक सप्ताह के लिए टाल दिया गया है.
इस दौरान एफ़बीआई उन पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच करेगी.
सीनेट समिति की बहस के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के सीनेटर जेफ़ फ्लेक ने कहा कि वो कैवेनॉ की नियुक्ति की पुष्टि के लिए जारी सुनवाई में एक सप्ताह की देरी चाहते हैं.
हालांकि सीनेट की न्यायिक समिति में जेफ़ फ़्लेक ने ब्रेट कैवेनॉ के समर्थन में मतदान किया.
अंततः कैवेनॉ के समर्थन में न्यायिक समिति ने 11-10 के अंतर से मुहर लगाई.
रिपब्लिकन पार्टी के सभी सीनेटरों ने उनके समर्थन में और डेमोक्रेटिक पार्टी के सभी सीनेटरों ने विपक्ष में मतदान किया.
गुरुवार को सीनेट समिति ने ब्रेट कैवेनॉ पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों की सुनवाई की.
कैलिफ़ोर्निया में मनोविज्ञान की प्रोफ़ेसर क्रिस्टीन ब्लासी फ़ोर्ड ने कैवेनॉ पर किशोरावस्था के दौरान यौन उत्पीड़न करने के आरोप लगाए हैं.
डॉ. फ़ोर्ड और कैवेनॉ ने समिति के समक्ष अपना-अपना पक्ष रखा.
कैवेनॉ ने आरोपों को ग़लत बताया
जज कैवेनॉ ने सभी आरोपों को सिरे से ख़ारिज करते हुए कहा कि इन आरोपों से उनका और उनके परिवार का नाम ख़राब किया जा रहा है.
सदन में डेमोक्रेटिक पार्टी और रिपब्लिकन पार्टी के सीनेटरों के बीच लंबी और तीखी बहस के बाद न्यायिक समिति ने जज कैवेनॉ के नामांकन पर मतदान किया जिसमें उन्हें मंज़ूरी मिल गई.
सीनेट में इस समय रिपब्लिकन पार्टी के पास 51-49 के अंतर से मामूली बढ़त हासिल है.
रिपब्लिकन सीनेटर जेफ़ फ़्लेक ने कहा है कि वो एफ़बीआई की जांच के बिना कैवेनॉ के नामांकन की पुष्टि सीनेट में नहीं करेंगे.
यदि जेफ़ फ़्लेक और किसी अन्य रिपब्लिकन सीनेटर ने कैवेनॉ का समर्थन नहीं किया और सभी डेमेक्रोट सीनेटरों ने उनका विरोध कर दिया तो सुप्रीम कोर्ट में उनकी नियुक्ति की पुष्टि नहीं हो सकेगी.
नतीजा टाई होने की स्थिति में उपराष्ट्रपति माइक पेंस का मत अंतिम फ़ैसला निर्धारित करेगा.
शुक्रवार को सीनेट की न्यायिक समिति की मंज़ूरी हासिल करके कैवेनॉ ने सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त होने की पहली बाधा पार कर ली है. अब उन्हें समूची सीनेट में बहुमत हासिल करना होगा.
यदि उनकी नियुक्ति की पुष्टि हो जाती है तो सुप्रीम कोर्ट में रिपब्लिकन विचारधारा के जजों का बहुमत होगा.
माना जा रहा है कि कैवेनॉ की नियुक्ति के बाद सुप्रीम कोर्ट में लंबे समय तक रिपब्लिकन पार्टी की विचारधारा का प्रभाव रहेगा.
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