अमरीका ने चीनी आयात पर लगाया 200 अरब डॉलर का शुल्क

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चीन के साथ व्यापार युद्ध को एक क़दम और आगे बढ़ाते हुए अमरीका ने फिर से 200 अरब डॉलर के चीनी उत्पादों पर नया टैरिफ़ लगाया है.
ये आयात शुल्क 5 हज़ार से ज़्यादा वस्तुओं पर लागू होगा. अमरीका इससे पहले भी चीनी सामान पर आयात शुल्क लगा चुका है लेकिन ये एक बारी में लगाया गया सबसे अधिक शुल्क है.
इसमें हैंडबैग, चावल और कपड़ों को शामिल किया गया है लेकिन कुछ वस्तुओं को जैसे स्मार्ट घड़ी और प्ले पेन को इसमें शामिल नहीं किया गया है हालांकि इनके शामिल किए जाने संभावना जताई जा रही थी.
उससे पहले अमरीका के लकड़ी से बने फर्नीचर पर आयात शुल्क नहीं लगाया था लेकिन इस बार इस पर भी शुल्क लगा दिया गया है. माना जा रहा है कि इसका असर चीन के साथ-साथ अमरीका में फर्नीचर बाज़ार पर भी पड़ेगा.
इधर चीन ने पहले ही साफ़ कर दिया था कि अगर अमरीका आयात शुल्क लगाता है तो वो भी जवाबी कार्रवाई करेगा.
इससे पहले चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा था कि अगर अमरीका नए आयात शुल्क लगाता है तो चीन भी अपने हितों की रक्षा करने के लिए मजबूर हो जाएगा.
उन्होंने कहा था, "दूसरी बात ये कि इस कारोबारी जंग से किसी को कोई फ़ायदा नहीं होगा. हमने हमेशा कहा है कि व्यापार मसलों को बातचीत से सुलझाना ही ठीक रास्ता है और एक-दूसरे पर भरोसा करके और मान-सम्मान के साथ."

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चीन को दिए गए मौक़े- अमरीका
नए आयात शुल्क इसी महीने के 24 से लागू हो रहे हैं, जिसकी शुरूआत 10 फीसदी से होगी लेकिन अगले साल की शुरूआत में बढ़कर 25 फीसदी हो जाएगी.
राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा कि ये नए टैरिफ चीन के "व्यापार करने के अनुचित तरीकों के जवाब में है और साथ ही सब्सिडी और नियमों को लेकर हैं जिसके लिए कुछ क्षेत्रों में विदेशी कंपनियों को स्थानीय भागीदारों के साथ काम करना होता है."
ट्रंप ने कहा कि अमरीका बदलाव किये जाने को लेकर स्पष्ट रहा है और चीन को अमरीका के साथ उचित तरह से व्यापार करने का हर मौक़ा दिया गया है.
उनका कहना है, "लेकिन, अब तक, चीन अपनी व्यापार करने के तरीके को बदलने का इच्छुक नहीं दिखा है."
दोनों देश पहले ही एक-दूसरे पर 500 अरब डॉलर के सामान पर शुल्क लगा चुके हैं जिसका असर अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों पर पड़ा है.
ट्रंप का कहना है कि अगर चीन के इसके जवाब में कोई कदम उठाए तो वो अगले चरण के आयात शुल्क लगाने की दिशा में आगे बढ़ेंगे और 267 अरब डॉलर के चीनी उत्पादों पर शुल्क लगाएंगे.
267 अरब डॉलर के चीनी उत्पादों पर शुल्क का मतलब होगा कि चीन से आयात किए जाने वाले लगभग सभी उत्पाद इस दायरे में आ जाएंगे.
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