कैसे संभव हुई मेक्सिको के साथ डोनल्ड ट्रंप की डील

इमेज स्रोत, Getty Images
अमरीका और मेक्सिको के बीच 25 साल पुराने उत्तर अमरीका मुक्त व्यापार समझौता 'नाफ़्टा' को लेकर नया समझौता करने का दबाव बढ़ने के बाद दोनों देशों के बीच आपसी सहमति बन गई है.
इस समझौते के प्रमुख आलोचकों में शामिल अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने सोमवार को इस मुद्दे पर बड़ी सफ़लता मिलने की बात कही है.
हालांकि, इस समझौते के नए स्वरूप जिस पर अमरीका और मेक्सिको सहमत हुए हैं, उस पर अब तक कनाडा का रुख़ साफ नहीं हुआ है जबकि वह भी इस समझौते का एक हिस्सा है.
नाफ़्टा से बाहर निकलने की धमकी देने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप बीते एक साल से इस मुद्दे पर चर्चाएं कर रहे थे.
ट्रंप ने इस समझौते को नए सिरे से करने की मांग उठाई थी.
ट्रंप ने अमरीका के मैन्यूफ़ैक्चरिंग क्षेत्र और ख़ासकर ऑटोमोबाइल क्षेत्र की नौकरियों में कमी के लिए पुराने समझौते को ज़िम्मेदार ठहराया था.
लेकिन इस समझौते पर नई सहमति बनने की ख़बर सामने आने के बाद अमरीकी शेयर और मेक्सिको की मुद्रा मज़बूत हुई थी.
आख़िर ट्रंप ने क्या कहा है?
ट्रंप ने नए समझौते के बारे में बताते हुए टीवी पर प्रसारित अपने भाषण में कहा है कि अमरीका और मेक्सिको के बीच जिन शर्तों पर सहमति बनी है उसके बाद ये एक बहुत ही 'बढ़िया समझौता' हो गया है जो कि 'सबके लिए पहले से ज़्यादा समान रूप से हितकारी' होगा.

इमेज स्रोत, Getty Images
इस मुद्दे पर काम कर रहे वार्ताकार बीते एक साल से नाफ़्टा संधि को एक बार फिर से ड्राफ़्ट कर रहे थे.
लेकिन बीते पांच हफ़्तों से कनाडा ने इस मुद्दे पर चल रही चर्चा में हिस्सा नहीं लिया है.
ट्रंप ने इस मुद्दे पर कहा है, "हम ये देखेंगे कि कनाडा को इसमें शामिल करें या कनाडा के साथ एक अलग डील करें."
ट्रंप ने कनाडा को निर्यात होने वाली कारों पर शुल्क लगाने की बात कहकर कनाडा को चेतावनी दी है.
ट्रंप ने ये भी कहा है कि वह 'नाफ़्टा' नाम से मुक्ति चाहते हैं क्योंकि नाफ़्टा नाम से अशुभ संकेत भी मिलते हैं.
कनाडा इस पर क्या कहता है?
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने ट्रंप की घोषणा के बाद अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप से बात की है.

इमेज स्रोत, Reuters
ट्रूडो के दफ़्तर ने इस बातचीत पर बयान जारी किया है जिसके मुताबिक़ दोनों नेताओं के बीच काफ़ी 'रचनात्मक बातचीत हुई है.'
और 'इस हफ़्ते समझौते से जुड़ी बातचीत के लिए दोनों देशों के दल आपसी सहमति बनाने के उद्देश्य से मिलेंगे.'
इस मुद्दे पर बात करने के लिए कनाडा की एक टीम मंगलवार को अमरीकी टीम से मिलेगी.
ट्रूडो ने मेक्सिको के मौजूदा राष्ट्रपति एनरीक़ पेना निएटो से रविवार को बात की है और दोनों नेताओं ने इस मुद्दे पर एक ऐसे मोड़ पर पहुंचने की बात की है जिसमें तीनों देश शामिल हों.
समझौते को लेकर जल्दबाज़ी क्यों?
इस डील पर काम कर रहे वार्ताकार मेक्सिको के नव निर्वाचित राष्ट्रपति एंड्रेस मैनुअल लोपेज़ ओब्राडोर के कार्यभार संभालने से पहले ही समझौते को अंतिम रूप देना चाहते हैं.
इसकी वजह ये है कि नव निर्वाचित राष्ट्रपति ओब्राडोर मौजूदा सरकार द्वारा मेक्सिको के ऊर्जा क्षेत्र को खोलने के ख़िलाफ़ रहे हैं.

इमेज स्रोत, EPA
ऐसे में ओब्राडोर के राष्ट्रपति बनने के बाद समझौते के लिए स्थितियां जटिल हो सकती हैं.
इस समय सीमा में समझौते को पूरा करने के लिए ट्रंप प्रशासन को अमरीकी कांग्रेस के सामने इस समझौते का नया प्रारूप 90 दिन पहले देना होगा और इसके लिए आख़िरी दिन आगामी शुक्रवार है.
हालांकि, निर्वाचित राष्ट्रपति ओब्राडोर ने सोमवार को कहा है कि अमरीका के साथ द्विपक्षीय समझौता सिर्फ़ इस नई संधि की ओर पहला कदम है.
ओब्राडोर कहते हैं, "हम इस बात के इच्छुक हैं कि ये संधि पहले की तरह तीन देशों वाली संधि रहे और फ़्री ट्रेड अग्रीमेंट की रूपरेखा वही होनी चाहिए जिस तरह ये सामने आया था"
क्या कनाडा इस संधि में शामिल होगा?
कनाडा की विदेश मंत्री क्रिस्टिया फ़्रीलैंड के प्रवक्ता एडम अस्टन ने कहा है कि अमरीका और मेक्सिको के बीच इस मुद्दे को लेकर जो प्रगति हुई है उससे कनाडा काफ़ी उत्साहित है.
लेकिन उन्होंने ख़ास मुद्दों को लेकर टिप्पणी नहीं दी है.

इमेज स्रोत, Reuters
अमरीका और कनाडा बीते काफ़ी समय से व्यापार के मुद्दों पर आमने-सामने हैं.
इनमें एक वजह कनाडा द्वारा अपनी डेयरी इंडस्ट्री को संरक्षण दिया जाना और अमरीका द्वारा अपने इस्पात और एल्यूमीनियम क्षेत्र को संरक्षण दिया जाना शामिल है.
प्रवक्ता एडम अस्टन कहते हैं, "हम नए समझौते पर तब हस्ताक्षर करेंगे जब ये कनाडा और मध्यवर्ग के लिए लाभप्रद हो और कनाडा के हस्ताक्षर की ज़रूरत हो."

इमेज स्रोत, Reuters
ट्रंप के साथ टेलीविज़न पर मेक्सिको के राष्ट्रपति के साथ दिखाई गई फ़ोन वार्ता में निएटो ने इस बात पर ज़ोर दिया है कि इस समझौते में कनाडा का शामिल होना ज़रूरी है.
लेकिन मेक्सिको के विदेश मंत्री लुइस वाइडगारे कहते हैं कि उनका देश अमरीका के साथ द्विपक्षीय डील करने के लिए भी तैयार है.
वॉशिंगटन में एक प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा, "अगर किसी वजह से कनाडा और अमरीका नाफ़्टा समझौते पर हस्ताक्षर नहीं कर पाते हैं तो हमें पहले से पता है कि मेक्सिको और अमरीका के बीच एक दूसरी डील हो जाएगी."
समझौते में क्या शामिल है?
नाफ़्टा के तहत हर साल तक़रीबन एक खरब अमरीकी डॉलर का व्यापार होता है.
इस नए समझौते में बौद्धिक संपदा अधिकार, डिजिटल ट्रेड और निवेशकों से जुड़े विवादों के लिए प्रस्ताव शामिल किए गए हैं.
अमरीका ने इस मुद्दे पर कहा है कि मेक्सिको के साथ हुए शुरुआती समझौते में दोनों देश इस बात पर राज़ी हुए हैं कि टैक्स फ़्री दर्जा हासिल करने के लिए किसी भी उत्पाद का 75 फ़ीसदी हिस्सा दो देशों में बनना चाहिए जो कि वर्तमान संधि से ज़्यादा है.

इमेज स्रोत, EPA
कारों को लेकर ये तय हुआ है कि प्रत्येक कार का 40 से 45 फ़ीसदी हिस्सा उन कामगारों द्वारा बनाया जाना चाहिए जो कि कम से कम 16 डॉलर कमा रहे हों.
इस प्रस्ताव का उद्देश्य ये है कि कंपनियां मेक्सिको के उन क्षेत्रों में अपने प्लांट लेकर जाएं जहां पर मज़दूरी दर कम है.
अमरीका ने कहा है कि ये समझौता आने वाले 16 सालों तक ठीक रहेगा.
दोनों देश इस बात पर राज़ी हुए हैं कि हर छह सालों में इस समझौते की समीक्षा की जानी चाहिए.
लेकिन इस समीक्षा के साथ स्वत: निरस्तीकरण का जोख़िम नहीं होगा जैसा अमरीका ने प्रस्ताव दिया था.
क्या समय-सीमा का पालन हो सकता है?
इस व्यापारिक समझौते को लेकर आख़िरी फ़ैसला तीनों देशों की संसदों को करना है.

इमेज स्रोत, AFP
अमरीका में आमतौर पर खुले व्यापार के पक्ष में रहने वाली रिपब्लिकन पार्टी ने व्हाइट हाउस को इस समझौते पर दस्तख़त करने के लिए दबाव बनाया है.
इसके साथ ही ये तर्क दिया गया है कि खुली हुई सीमाओं से अमरीकी किसानों को बहुत फ़ायदा होता है.
टेक्सस से आने वाले सीनेटर जॉन कॉर्निन कहते हैं कि ये एक सकारात्मक क़दम है.
वह कहते हैं, "अब हमें ये सुनिश्चित करना है कि फ़ाइनल समझौते में कनाडा भी शामिल हो और उसे द्विपक्षीय समर्थन हासिल हो."
यूएस चेंबर ऑफ़ कॉमर्स अमरीका में एक मज़बूत व्यापारिक समूह है जो कि नाफ़्टा का समर्थन करता है.
इस समूह ने भी समझौते में तीनों देशों के शामिल होने की बात कही है.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)












