अमरीका का रवैया ख़ेदजनक: उत्तर कोरिया

उत्तर कोरिया की सरकारी न्यूज़ एजेंसी के अमरीका पर परमाणु निरस्त्रीकरण के लिए एकतरफा मांग करने और इसके लिए उन पर दवाब बनाने का आरोप लगाया है.

उत्तर कोरियाई सरकार के एक प्रवक्ता के हवाले से न्यूज़ एजेंसी केसीएनए ने कहा है कि "अमरीका का रवैया अफ़सोसजनक है."

न्यूज़ एजेंसी ने कहा कि अमरीका सिंगापुर में डोनल्ड ट्रंप और किम जोंग-उन के बीच हुई मुलाक़ात की मूल भावना के विरुद्ध जा रहा है और परमाणु कार्यक्रम छोड़ने के लिए एकतरफा दवाब बना रहा है.

इसके कुछ घंटों पहले माइक पोम्पियो ने कहा था कि उत्तर कोरियाई नेताओं के साथ उनकी बातचीत सकारात्मक रही. उनका कहना था कि दोनों देशों के बीच परमाणु निरस्त्रीकरण समेत विकास से सभी मुद्दों पर बात हुई है.

माइक पोम्पियो ने ये बयान उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन के क़रीबी माने जाने वाले अधिकारी किम योंग चोल से मुलाक़ात के बाद दिया था.

बताया जा रहा है कि माइक पोम्पियो की मुलाक़ात का अहम उद्देश्य उत्तर कोरिया के साथ परमाणु निरस्त्रीकरण की बात को आगे ले जाना था.

अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के बीच 12 जून को सिंगापुर में हुई मुलाक़ात के बाद ये माइक पोम्पियो की पहली उत्तर कोरिया यात्रा है.

डोनल्ड ट्रंप के साथ बातचीत के बाद किम जोंग उन ने परमाणु निरस्त्रीकरण की ओर बढ़ने का वादा किया था. हालांकि ये कैसे होगा इस बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई थी.

लेकिन इसके बाद अमरीकी राष्ट्रपति ने उत्तर कोरिया पर नए प्रतिबंध लगा दिए थे. साथ ही अमरीकी ख़ुफ़िया अधिकारियों ने ये दावा किया कि इस बात के सबूत मिले हैं कि उत्तर कोरिया अपने परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ा रहा है.

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