ट्रंप की प्रवासी नीति के विरोध में लोग सड़कों पर

इमेज स्रोत, AFP
राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की सख़्त प्रवासी नीति के ख़िलाफ़ पूरे अमरीका में हज़ारों लोग विरोध-प्रदर्शन में शामिल हो सकते हैं.
अलग हुए प्रवासी परिवारों को एक करने के लिए 630 से ज़्यादा कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई गई है.
प्रवासियों को लेकर ट्रंप ने अपनी विवादित नीति ख़त्म करने के लिए कार्यकारी आदेश जारी किया था, फिर भी 2,000 बच्चे अपने माता-पिता से अब भी अलग रह रहे हैं.
विवादित प्रवासी नीति को लेकर देश के भीतर और बाहर भी दबाव की वजह से राष्ट्रपति ट्रंप को झुकना पड़ा था.
मेक्सिको के ज़रिए अमरीका में आए अवैध प्रवासियों को लेकर ट्रंप ने 'ज़ीरो टॉलरेंस' नीति बनाई थी. इसके तहत वो माता-पिता जिन पर आपराधिक मामले चल रहे थे, उनसे उनके बच्चों को अलग किया जा रहा था.

इमेज स्रोत, AFP
विवाद के बाद ट्रंप ने इस नीति को कार्यकारी आदेश के ज़रिए रोक दिया.
प्रवासी हिरासत केंद्र पर परिवारों को साथ रखने के आदेश के बावजूद लोगों का कहना है कि जिन परिवारों को अलग कर दिया गया है, उन पर ट्रंप के आदेश का कोई असर नहीं पड़ा है.
पांच मई से नौ जून के बीच में 2,342 बच्चों को उनके माता-पिता से अलग किया गया था. इस हफ़्ते की शुरुआत में कैलिफ़ोर्निया के एक जज ने आदेश दिया था कि 30 दिनों के भीतर सभी परिवारों को एक साथ किया जाए.
लॉस एंजिलिस में बीबीसी संवाददाता डेविड विलिस का कहना है कि प्रवासियों को लेकर अमरीका में सबसे बड़ा प्रदर्शन हो सकता है. ट्रंप की नीति को लेकर अमरीका में काफ़ी मतभेद हैं.
प्रदर्शनकारी चाहते क्या हैं?
अमरीका के सभी बड़े शहरों के लोगों से हैशटैग 'फैमिली बिलॉन्ग टुगेदर' नारे के साथ एकजुट होने का आग्रह किया गया है. आयोजकों का कहना है कि वो राष्ट्रपति ट्रंप को कड़ा संदेश देना चाहते हैं.
आंदोलनकारियों की वेबसाइट का कहना है कि इस मामले में अदालत का आदेश ही काफ़ी नहीं है. उनका कहना है कि बच्चों को माता-पिता के साथ लाने के अलावा प्रवासियों को गिरफ़्तार किया जाना भी बंद होना चाहिए.

विरोध-प्रदर्शन में कौन लोग शामिल होंगे?
आयोजकों का कहना है कि विरोध प्रदर्शन में हज़ारों लोग शामिल हो सकते हैं. सभी से सफ़ेद कपड़ों में शांतिपूर्ण प्रदर्शन का आग्रह किया गया है. वॉशिंगटन डीसी में प्रमुख मार्च है.
इस आंदलोन में शामिल अना गेलेंड का कहना है कि 50 राज्यों में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. हालांकि इस मामले में यह कोई पहला प्रदर्शन नहीं है. गुरुवार को सरकार की प्रवासी नीति के ख़िलाफ़ विरोध में 600 महिलाओं को गिरफ़्तार किया गया था.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)












