अमरीकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के ट्रैवल बैन को जायज ठहराया

अमरीकी सुप्रीम कोर्ट ने कई मुस्लिम देशों के नागरिकों के अमरीका में आने पर लगाए गए डोनल्ड ट्रंप प्रशासन के ट्रैवल बैन को जायज ठहराया है.

इससे पहले, निचली अदालतों ने ट्रंप प्रशासन के फ़ैसले को असंवैधानिक करार दिया था. लेकिन अमरीकी सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को निचली अदालतों के फ़ैसले को पलटते हुए 5-4 से ट्रैवल बैन को सही ठहराया.

फ़ैसला लिखने वाले जज जॉन रॉबर्ट्स ने कहा है कि मुस्लिम बहुल देशों के नागरिकों को अमरीका में न आने देने का ट्रंप का निर्णय पूरी तरह से राष्ट्रपति के आधिकारिक दायरे में आता है.

'अब हमें कुछ नहीं कहना'

उन्होंने अपने फ़ैसले में लिखा, "सरकार ने इस निर्णय के पक्ष में राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त सबूत और तर्क दिए हैं. हमें इस नीति के बारे में अब और कुछ नहीं कहना है."

अमरीकन सिविल लिबर्टीज़ यूनियन (एसीएलयू) में प्रवासी अधिकार प्रोजेक्ट के निदेशक उमर जदावत ने इस फ़ैसले को सुप्रीम कोर्ट की 'बहुत बड़ी नाक़ामयाबी' बताया है.

उन्होंने कहा, "अदालत आज नाक़ामयाब हो गई. आज जनता को उसकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत थी. हम अपने चुने हुए प्रतिनिधियों के सामने ये बिल्कुल साफ़ कर देना चाहते हैं- अगर आप ट्रंप के ट्रैवल बैन के फ़ैसले को रद्द करवाने के लिए कोई कदम नहीं उठा रहे हैं तो आप इस देश के सबसे बुनियादी उसूलों यानी स्वतंत्रता और समानता का समर्थन नहीं कर रहे हैं."

ट्रंप ने फ़ैसले पर ख़ुशी जताई

ट्रैवल बैन के तहत ईरान, लीबिया, सोमालिया, सीरिया और यमन के अधिकांश नागरिकों के अमरीका में प्रवेश पर रोक लगाई गई थी.

ट्रंप प्रशासन के इस फ़ैसले की शरणार्थियों और मानवाधिकार संगठनों ने निंदा की थी.

ट्रंप प्रशासन ने ट्रैवल बैन में कई संशोधन किए थे. पहले इसमें इराक़ और चाड को भी शामिल किया गया था, लेकिन बाद में इन देशों को इस सूची से हटा दिया गया.

अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले पर खुशी जाहिर की है.

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