चंद हज़ार रुपयों से अरबपति बनने वाली केंड्रा की कहानी

केंद्रा स्कॉट

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    • Author, जेम्स जेफ़्री
    • पदनाम, टेक्सस से बिज़नेस रिपोर्टर, बीबीसी

गर्भ के आख़िरी दिनों में केंड्रा स्कॉट को आराम के लिए कहा गया था.

उसी वक़्त उन्हें इस बिज़नेस का ख़्याल आया. अपने पहले बच्चे के इंतज़ार के साथ कमरे में आराम के अलावा उन्होंने जूलरी डिज़ाइन करना शुरू किया.

28 साल की उम्र में बिज़नेस शुरू करने के लिए उनके पास केवल 500 डॉलर (33 हजार 732 रूपये) ही थे. इतनी रक़म में ही उन्होंने बिज़नेस शुरू करने की कोशिश की.

घर-घर जाकर बेचे आभूषण

अपने बेटे के जन्म के बाद स्कॉट ने फ़ैसला किया कि वो बाहर जाकर इयररिंग और अन्य आभूषण बेचना शुरू करेंगी.

44 साल की स्कॉट कहती हैं, ''जब मैंने अपना पहला कलेक्शन बनाया तो बच्चे को बेल्ट के ज़रिए बांध सैंपल ले निकल गई.''

केंद्रा स्कॉट

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''फिर मैं अपने सैंपल बेचने के लिए घर-घर गई. पहले ही दिन मैंने सारा सामान बेच दिया था और वहां से मेरा बिज़नेस शुरू हुआ.''

सबसे अमीर महिलाओं की सूची में हुईं शामिल

आज उनके नाम पर केंड्रा स्कॉट डिज़ाइन नाम की कंपनी है जो एक अरब डॉलर की हो चुकी है. वहीं उनकी निजी संपत्ति लगभग 500 मिलियन डॉलर यानी भारतीय मुद्रा के हिसाब से 33 अरब 72 करोड़ 75 लाख रुपए हैं.

साल 2017 में फ़ॉर्ब्स मैगज़ीन ने अमरीका की सबसे अमीर महिलाओं में गायिका टेलर स्विफ्ट और बियॉन्से से ऊपर स्कॉट को 36वें नंबर पर रखा था.

स्कॉट का जन्म विस्कॉन्सन में हुआ था. वहीं बड़ी हुईं और 18 साल की उम्र में यूनिवर्सिटी जाने के लिए वो टेक्सस गईं. हालांकि एक साल बाद ही उन्होंने यूनिवर्सिटी छोड़ दी.

इसके बाद लगभग एक दशक तक उन्होंने अपना बिज़नेस फैलाया. इसमें वो महिलाओं को किमोथेरेपी से आराम दिलाने के लिए उनके लिए आरामदायक टोपी बनानी शुरू की.

स्कॉट ने देखा था कि कैंसर से पीड़ित उनके पिता ने कैसे दर्द झेला था. यहीं से उन्होंने ये प्रेरणा ली थी. स्कॉट ने इस काम में हुए मुनाफ़े का एक हिस्सा वहां के स्थानीय हॉस्पिटल को दान कर दिया.

केंद्रा स्कॉट

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स्कॉट बताती हैं कि जूलरी स्टार्ट-अप का विचार तब आया जब उन्हें लगा कि बाज़ार में अच्छे गहनों की क़ीमत में बड़ा अंतर है. बाजार में या तो बहुत महंगे गहने थे या घटिया किस्म के थे. उन्होंने इसके बीच का रास्ता निकालने की कोशिश की.

इसलिए उन्होंने एक योजना बनाई कि वे मणि या स्टोन की अच्छी गुणवत्ता वाले आभूषण बनाने की कोशिश करेंगी. ऐसे में जिन महिलाओं को ये लेना होगा वो कम पैसे में भी ख़रीद सकेंगी.

वो कहती हैं, "इससे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता कि कोई महिला कितनी अमीर है. हर महिला सुंदर दिखना चाहती है."

शुरुआत में उन्होंने आभूषणों को केवल थोक में बेचा. उन्होंने अपने आउटलेट खोलने के बजाय दूसरी दुकानों में सप्लाई किया. केंड्रा स्कॉट डिज़ाइन धीरे-धीरे बढ़ा, लेकिन कभी थमा नहीं.

केंद्रा स्कॉट

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स्कॉट कहती हैं कि उनकी टीम में अच्छे लोगों के शामिल होने से भी उन्हें काफ़ी साहस मिला. कई लोगों ने ख़ुद की निजी ज़िंदगी में परेशानी होने के बावजूद उन्होंने मदद की. उनकी पहली शादी दूसरे बच्चे के जन्म के बाद टूट गई थी.

वो कहती हैं, ''मेरा पूरा ध्यान अनुभवी लोगों की टीम को बनाने पर था जो बिज़नेस बढ़ाने में मेरी मदद करे. मेरे कर्मचारियों में से सात महिलाएं आज भी मेरे साथ हैं.''

2010 में ये खुदरा कंपनी में बदल गई, इसकी पहली शाखा ऑस्टिन में खोली गई. स्कॉट कहती हैं कि बिज़नेस के लिए ये बहुत ही बुनियादी पल था और वो आश्वस्त थीं कि उनके जूलरी स्टोर दूसरे स्टोर से अलग होंगे.

केंद्रा स्कॉट के आभूषण

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आज पूरे अमरीका में उनका बिज़नेस फैल चुका है, उनके 80 रिटेल स्टोर हैं और एक वेबसाइट भी है जो विश्व भर में आभूषणों को पहुंचाती है.

कंपनी में 2000 कर्मचारी हैं, जिनमें 96 प्रतिशत महिलाएं हैं. अब कंपनी को निवेश कंपनी का भी समर्थन मिला हुआ है और स्कॉट की वो मालकिन बन गई हैं.

अक्सेसरीज़ काउंसिल के मुख्य गिबर्सन कहते हैं, ''केंड्रा हमारे उद्योग में एक बेहद ख़ास है. वो ट्रेंड्स के बारे में बताती हैं. अगर आप इनकी तरफ़ देखेंगे तो आपको पता चलेगा कि क्यों इस कंपनी ने तहलका मचा रखा है जबकि बाक़ी की कंपनियां को संघर्ष करना पड़ रहा है.''

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