उर्दू प्रेस रिव्यू: मुंबई हमले पर नवाज़ के बयान पर अमरीका का सवाल

    • Author, इक़बाल अहमद
    • पदनाम, बीबीसी संवाददाता

पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अख़बारों में इस हफ़्ते भारत-पाकिस्तान सीमा पर गोलाबारी के अलावा वहां होने वाले आम चुनाव की तैयारी से जुड़ी ख़बरें सबसे ज़्यादा सुर्ख़ियों में रहीं.

सबसे पहले बात भारत और पाकिस्तान की सीमा पर दोनों तरफ़ से होने वाली गोलाबारी की.

सीमा पर गोलीबारी

अख़बार 'जंग' ने इस ख़बर को पहले पन्ने पर जगह दी है. अख़बार लिखता है कि भारतीय सेना की तरफ़ से हुई गोलाबारी में एक महिला और तीन बच्चों की मौत हो गई है.

अख़बार के अनुसार पाकिस्तानी सेना ने भी इसका डटकर जवाब दिया और बदले की कार्रवाई में भारतीय सेना की कई चौकियों को नष्ट कर दिया गया और कई भारतीय सैनिक भी मारे गए हैं.

अख़बार आगे कहता है कि पाकिस्तान ने इस पर सख़्त नाराज़गी जताते हुए इस्लामाबाद में तैनात भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसारिया को विदेश मंत्रालय बुलाकर उन्हें विरोध पत्र भी सौंपा गया.

सीज़फ़ायर का उल्लंघन

रोज़नामा 'एक्सप्रेस' ने मारे जाने वाले पाकिस्तानी नागरिकों के नाम भी छापे हैं.

अख़बार के मुताबिक़ पाकिस्तानी विदेश सचिव का दावा है कि भारत ने साल 2018 में अब तक एक हज़ार 50 बार सीज़फ़ायर का उल्लंघन किया है और भारत की तरफ़ से हुई गोलाबारी में अब तक 28 पाकिस्तानी नागरिक मारे गए हैं.

अख़बार ने समाचार एजेंसी 'एसोशिएटेड प्रेस' के हवाले से लिखा है कि पाकिस्तानी सेना की तरफ़ से की गई गोलाबारी में एक भारतीय सैनिक समेत कुल पांच लोग मारे गए हैं.

अख़बार 'नवा-ए-वक़्त' के अनुसार भारतीय गोलाबारी में छह लोग मारे गए हैं और 26 ज़ख़्मी हुए हैं.

अख़बार लिखता है कि चार ज़ख़्मियों की हालत बहुत नाज़ुक है और वो ज़िंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रहे हैं.

अख़बार 'दुनिया' ने भी पाकिस्तान के छह नागरिकों के मारे जाने की पुष्टि की है.

अमरीका का पाकिस्तान से सवाल?

अख़बार 'दुनिया' ने पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ के एक बयान पर अमरीकी प्रतिक्रिया का ज़िक्र किया है.

नवाज़ शरीफ़ ने कुछ दिनों पहले दिए अपने एक बयान से सबको चौंका दिया था. मुंबई पर 2008 में हुए चरमपंथी हमलों में उन्होंने पाकिस्तान के 'नॉनस्टेट एक्टर्स' का हाथ होने की बात कही थी. इस हमले में 170 से ज़्यादा लोग मारे गए थे.

उनके इस बयान की पाकिस्तान में ख़ूब निंदा हुई थी और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ के अध्यक्ष इमरान ख़ान ने तो नवाज़ शरीफ़ पर देश से ग़द्दारी का मुक़दमा दर्ज किए जाने की मांग की है.

अब अमरीका ने नवाज़ शरीफ़ के इस बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.

अख़बार 'दुनिया' के मुताबिक़ अमरीकी रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता डीना व्हाइट ने कहा है कि अब पाकिस्तान को फ़ैसला करना है कि वो आगे क्या करता है.

रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता का कहना था कि पाकिस्तान एक ही समय में चरमपंथ का शिकार भी है और चरमपंथ को पनाह और बढ़ावा देने वाला भी है.

उन्होंने कहा कि इलाक़े की शांति के लिए पाकिस्तान बहुत कुछ कर रहा है लेकिन अगर पाकिस्तान चाहे तो क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए वो बहुत कुछ कर सकता है.

कार्यवाहक प्रधानमंत्री पर सहमति

पाकिस्तान में होने वाले आम चुनाव के लिए कार्यवाहक प्रधानमंत्री के नाम पर सहमति बन गई है.

अख़बार 'जंग' के मुताबिक़ सत्तारूढ़ मुस्लिम लीग (नून) के नेता और प्रधानमंत्री शाहिद ख़ाक़ान अब्बासी और नेता प्रतिपक्ष पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के ख़ुर्शीद शाह बीच सहमति बन गई है लेकिन इसकी आधिकारिक घोषणा मंगलवार को की जाएगी.

पाकिस्तान में इस साल जुलाई में आम चुनाव होने वाले हैं.

पाकिस्तान के क़ानून के मुताबिक़ वहां एक कार्यवाहक प्रधानमंत्री और राज्यों में कार्यवाहक मुख्यमंत्रियों की निगरानी में चुनाव कराए जाते हैं.

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