सऊदी अरब: क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के आने से क्या-क्या बदला

सऊदी अरब में हाल ही में सेना के बड़े पदों पर किए गए फेरबदल की चर्चा दुनिया भर में हो रही है.

सऊदी नेतृत्व इन बदलावों को 'मिनिस्ट्री ऑफ़ डिफेंस डेवलपमेंट डॉक्यूमेंट' का नाम दे रहे हैं. हालांकि इस फ़ैसले की टाइमिंग और मक़सद को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं.

क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने इसकी शुरुआत साल 2016 में ही कर दी थी.

सऊदी सल्तनत में सुधार का एजेंडा रखते हुए क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने 'विज़न-2030' नाम से एक दस्तावेज़ जारी किया था.

अप्रैल, 2016 में जारी किए गए इस दस्तावेज़ को सऊदी काउंसिल ऑफ़ मिनिस्टर्स ने मंजूरी दी थी.

इस दस्तावेज़ को सऊदी अरब की तेल पर निर्भरता कम करने की योजना के तौर पर पेश किया गया.

इसके तहत तीन अरब सऊदी रियाल से सात अरब सऊदी रियाल की लागत वाली 80 परियोजनाएं शुरू की गईं.

सैनिक बदलाव

सऊदी अरब के सुल्तान किंग सलमान बिन अब्दुल अजीज के हुक्मनामे से कई क्रांतिकारी बदलावों की बुनियाद रखी जा रही है.

उनमें सऊदी आर्मी के आला ओहदे पर बैठने वाले कुछ लोगों की बर्खास्तगी और नई नियुक्तियों का फ़ैसला शामिल है.

सल्तनत की शाही फौज में नई पीढ़ी के अफसरों को सऊदी आर्मी के बड़े पदों पर नियुक्त किया गया है.

हटाए गए लोगों में आर्मी चीफ़ जनरल अब्दुल रहमान बिन सालेह अल-बुनयान हैं और उनकी जगह पर फय्याद बिन हामिद अल-रुवाइली को नियुक्त किया गया है.

सऊदी एयरफोर्स के कमांडर मोहम्मद बिन सुहैम को भी छुट्टी दे दी गई है और उनकी जगह पर मज़ीद अल-उमरू को नियुक्त किया गया है.

महिला मंत्री की नियुक्ति

सऊदी अरब में श्रम विभाग के मंत्री के तौर पर एक महिला की नियुक्ति की गई है.

इस नियुक्ति के कुछ ही दिन पहले सऊदी अरब में पहली बार महिलाओं को फौज में भर्ती होने की छूट दी गई थी.

महिलाओं को कार चलाने की इजाजत, पहली बार अरब फ़ैशन वीक के आयोजन की इजाजत, ये कुछ ऐसे फ़ैसले थे जिन पर पूरी दुनिया में चर्चा हुई.

भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ मुहिम

बड़े पैमाने पर सऊदी शहज़ादों को हिरासत में लिए जाने के फ़ैसले को भी क्राउन प्रिंस की राजनीतिक और आर्थिक योजनाओं से जोड़कर देखा जाता है.

सऊदी अरब के अटॉर्नी जनरल ने ये बताया था कि सरकार को शहज़ादों और कारोबारियों की रिहाई के समझौते के एक एवज में 107 अरब डॉलर की वसूल हुई.

सरकार की इस कार्रवाई की चौतरफा आलोचना हुई. असंतुष्टों ने कहा कि क्राउन प्रिंस ने अपने संभावित राजनीति विरोधियों को निशाना बनाकर ये कदम उठाया था.

प्रेक्षकों का कहना है कि सऊदी अरब में सरकार और समाज के स्तर पर कई बदलाव हो रहे हैं. एक तरफ़ सऊदी अरब मुल्क के बाहर यमन में उलझा है तो दूसरी घरेलू मोर्चे पर क्राउन प्रिंस अपनी स्थिति मजबूत करने की मुहिम पर लगातार लगे हुए हैं.

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