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कार पर सवार होकर नाप डाले धरती के सबसे उत्तर और दक्षिण के बार
इंग्लैंड के एक शख़्स ने धरती के सबसे उत्तर में स्थित पब से सबसे दक्षिण में स्थित पब तक अपनी स्पोर्ट्स कार से 21 देशों की यात्रा कर डाली.
38 साल के बेन कूम्स इंग्लैंड के प्लिमथ से हैं. उन्होंने आर्कटिक सर्कल से चिली के दक्षिणी छोर तक तीन महाद्वीपों से होकर 20 हज़ार मील (क़रीब 32 हज़ार किलोमीटर) का सफ़र तय किया.
इस सफ़र को पूरा करने में उन्हें सात महीने लगे.
कूम्स को इस रोमांचक यात्रा का ख़्याल तब आया, जब वह डार्टमोर के एक पब में बियर पी रहे थे.
उनकी यात्रा की शुरुआत नॉर्वे के स्वालबार द्वीप में पिरामिडन क़स्बे की बंद हो चुकी खदान से हुई. इस इलाक़े में चार लोग रहते हैं.
कूम्स का कहना है कि सबसे उत्तर में आख़िरी बार को ढूंढना आसान था.
वह बताते हैं, "पिरामिडन उत्तरी ध्रुव से मात्र 700 मील दूर है. यह पृथ्वी के उत्तर में इंसानों की आख़िरी स्थायी बस्ती है और यहां एक बार भी है."
"यहां एक ही इमारत ठीक हालत में है और वह है इस क़स्बे का पुराना हॉल. लोग यहीं रहते हैं और यहीं पर एक बार है."
ऐसे ढूंढे पब
धरती के उत्तरी और दक्षिणी छोर में पब ढूंढने के लिए कूम्स ने ऐसे लाइसेंसधारी परिसर ढूंढे, जहां से बियर खरीदी जा सकती है.
उन्होंने कहा, "अंटार्कटिक में कुछ जगहों पर बार हैं लेकिन वे आम लोगों के लिए नहीं हैं और न ही उनके पास लाइसेंस हैं."
इसीलिए कूम्स को अंटार्कटिक से बाहर पब ढूंढना पड़ा जो उन्हें चिली में पुएर्तो विलियम्स में मिला.
लंबा था सफ़र
कूम्स ने 20 हज़ार मील यानी लगभग 31 हज़ार किलोमीटर तक कई तरह की सड़कों पर अपनी गाड़ी दौड़ाई.
कूम्स पहले अपनी हरे रंग की बीस साल पुरानी टीवीआर काइमेरा कार पिरामिडन से साउथहैंप्टन तक चलाई और यहां से अगस्त में इसे न्यूयॉर्क के लिए शिप कर दिया.
यहां से पहले वह कैलिफ़ोर्निया गए और वहां से मेक्सिको पहुंचे.
निकारागुआ में उनकी कार में नया क्लच डाला गया और पूरे सफ़र के दौरान गाड़ी को और किसी ख़ास मरम्मत की ज़रूरत नहीं पड़ी.
उनकी दो सीटों वाली कन्वर्टिबल कार में इस यात्रा के दौरान अलग-अलग समय में कई लोग सवार हुए.
उनके सामने बड़ी चुनौती रही देशों की सीमाएं पार करना. इसके अलावा कोलंबिया में गिरती हुई चट्टानों से बचना भी चुनौतीपूर्ण रहा.
12 फ़रवरी को कूम्स पुएर्तो विलिम्य पहुंचे जो उनकी आख़िरी मंज़िल थी. यहीं पर उन्हें धरती में दक्षिण पर स्थित आख़िरी पब मिला.
हालांकि पुएर्तो कहते हैं कि सफ़र महत्वपूर्ण है, मंज़िल नहीं.
अब बेन कूम्स की कार को वापस इंग्लैंड के डेवन के लिए शिप किया जाएगा.
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