रूस के मुख्य विपक्षी नेता एलेक्सी नावाल्नी रिहा किए गए

रूस में राष्ट्रपति चुनाव के बहिष्कार के लिए मॉस्को में रैली करने के दौरान हिरासत में लिए गए मुख्य विपक्षी नेता एलेक्सी नावाल्नी को रिहा कर दिया गया है.

नावाल्नी के वकील ने मीडिया को बताया कि अभी उनके ऊपर कोई अभियोग नहीं लगाया गया है मगर बाद में उन्हें कोर्ट में पेश होना होगा, जहां उनपर आरोप तय किए जा सकते हैं.

इससे पहले पुलिस ने मॉस्को में नावाल्नी के दफ़्तरों पर छापे मारकर कथित तौर पर कुछ उपकरण भी ज़ब्त किए.

राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के मुखर आलोचक माने जाने वाले नावाल्नी को 18 मार्च को होने जा रहे चुनावों में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया गया है.

कई शहरों में निकली रैलियां

एक वीडियो में दिखता है कि हिरासत में लिए जाने के दौरान पुलिसकर्मियों ने नावाल्नी को ज़मीन पर गिरा दिया.

इसके तुरंत बाद विपक्ष के नेता ने लोगों से देशभर में हो रहे प्रदर्शनों में शामिल होने की अपील की.

उन्होंने रूसी भाषा में लिखा, "अगर हम बहुत सारे लोग हों तो एक व्यक्ति को हिरासत में लिए जाने का कोई मतलब नहीं रह जाता. कोई आगे आए और मेरी जगह ले."

रूस के कई शहरों में विरोध रैलियां निकलीं मगर मॉस्को और सैंट पीटर्सबर्ग में प्रशासन ने रैली निकालने की इजाज़त नहीं दी.

रिपोर्टों के मुताबिक देशभर में 180 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है.

इससे पहले रविवार को रूसी पुलिस नावाल्नी के भ्रष्टाचार विरोधी संगठन के मॉस्को स्थित दफ़्तर पर छापेमारी की. एक यूट्यूब क्लिप में दिखता है कि ऑफ़िस से ब्रॉडकास्ट की जा रही एक रिकॉर्डिंग को रोक दिया गया .

नावाल्नी के प्रवक्ता ने कहा कि अधिकारियों ने बलपूर्वक कार्यालय में प्रवेश किया और कहा कि वे एक बम के ख़तरे की जांच कर रहे हैं.

पिछले कई हफ्तों से नावाल्नी के समर्थकों पर पूरे रूस में दबाव बना हुआ है और बहुत से लोगों को हिरासत में लिया गया है.

पहले भी कर चुके हैं प्रदर्शन

विपक्ष के नेता एलेक्सी नावाल्नी ने 2011-12 की सर्दियों में भी पुतिन के ख़िलाफ प्रदर्शन किया था. साल 2017 में उन्हें तीन बार बिना इजाज़त पुतिन-विरोधी रैलियां निकालने के लिए गिरफ़्तार किया गया था.

नावाल्नी दावा करते हैं कि निष्पक्ष चुनाव में वह पुतिन को हरा देंगे. मगर उन्हें एक आपराधिक मामले में दोषी करार दिए जाने के कारण चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित कर दिया गया है. नावाल्नी का कहना है कि यह मामला राजनीति से प्रेरित था.

पुतिन को रूस में बड़ी संख्या में अप्रूवल रेटिंग मिली हैं और माना जा रहा है कि वह चौथी बार छह साल के अवधि के लिए राष्ट्रपति चुने जाएंगे.

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