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160 पीड़िताएं, 175 साल की जेल: अमरीकी ओलंपिक टीम के पूर्व डॉक्टर लैरी नस्सार को सज़ा
अमरीका की ओलंपिक जिम्नास्टिक्स टीम के पूर्व डॉक्टर लैरी नस्सार को यौन उत्पीड़न के मामलों में 175 साल जेल की सज़ा सुनाई गई है.
160 पीड़िताओं की गवाही के बाद उन्हें यह सज़ा सुनाई गई है.
नस्सार ने माफी मांगने की कोशिश की थी, लेकिन जज ने यह कहते हुए इसे ख़ारिज़ कर दिया कि उन्हें 'अपनी बची हुई ज़िंदग़ी अंधेरे में गुज़ारनी होगी.'
'मौत के वॉरंट पर दस्तख़त'
नस्सार को कई लड़कियों से यौन उत्पीड़न का दोषी पाया गया था, जिनमें कुछ ओलंपिक खिलाड़ी भी शामिल हैं.
54 वर्षीय नस्सार को पहले ही चाइल्ड पॉर्न रखने के आरोप में 60 साल क़ैद की सज़ा सुनाई जा चुकी है.
जज रोज़मैरी अकीलीना ने सज़ा सुनाते हुए नस्सार के लिए बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया.
उन्होंने नस्सार को संबोधित करते हुए कहा, "सर्वाइवर महिलाओं की बातें सुनना मेरे लिए जितने सम्मान की बात है, उतने ही सम्मान की बात आपको सज़ा सुनाना है. क्योंकि सर, आप जेल की दीवारों से बाहर आने लायक नहीं हैं."
उन्होंने कहा, "मैंने अभी आपकी मौत के वॉरंट पर दस्तख़त कर दिए हैं."
नस्सार ने मांगी माफी
पीड़िताएं बीते एक हफ़्ते से अदालत में गवाही दे रही थीं. आख़िर में नस्सार को भी अपना पक्ष रखने का मौक़ा दिया गया.
उन्होंने कहा, "यह बताने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं कि जो कुछ हुआ उसके लिए मैं कितने अफ़सोस में हूं."
चार बार ओलंपिक चैंपियन रहीं सिमोन बाइल्स ने भी हाल ही में ट्वीट करके सार्वजनिक किया था कि लैरी नस्सार ने उनका यौन शोषण किया था. रियो ओलंपिक्स की स्टार ने एक जज़्बाती बयान में कहा कि वो नस्सार को अपना सुखचैन नहीं चुराने देंगी.
बीस साल की सिमोन बाइल्स ने कहा, ''मैं जानती हूं कि ये भयानक अनुभव मुझे परिभाषित नहीं करता, मुझमें इससे कहीं अधिक ताक़त है.''
'इलाज के बहाने यौन उत्पीड़न'
मिशिगन से बीबीसी संवाददाता रजिनी वैद्यनाथन के मुताबिक, हफ़्ते भर से चल रही सुनवाई के दौरान महिलाओं की कहानियों में आश्चर्यजनक समानताएं थीं.
नस्सार इन महिलाओं को इलाज के लिए बुलाते थे लेकिन उनका दर्द दूर करने के बजाय उनकी मासूमियत से खिलवाड़ करते थे. उनमें से कुछ इतनी कम उम्र की थीं कि उन्हें लंबे समय तक पता ही नहीं लगा कि उनका यौन उत्पीड़न हो रहा था.
इस दौरान नस्सार कुछ ही मीटर दूर बैठे हुए थे. पीड़िताएं आती गईं और उनकी आंखों में देखकर उन्हें उनके कृत्य याद दिलाती गईं.
रजिनी के मुताबिक, "यही इस सुनवाई की सबसे असाधारण बात थी."
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