रूस का वो जहाज़ जिसने अमरीका की नींद उड़ाई

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सैन्य ताक़त में अमरीका और चीन को कड़ी चुनौती देने वाला रूस अपने आधुनिक हथियारों और दुश्मन की निगरानी करने वाले शक्तिशाली उपग्रहों के लिए जाना जाता है.
रूस के सैन्य बल में अब एक और जासूसी जहाज़ जुड़ गया है जिसका नाम उनके एक सेटेलाइट कार्यक्रम यनतार पर रखा गया है.
रूसी नौसेना के पास जासूसी जहाज़ पहले भी रहे हैं लेकिन यनतार सबसे अलग और शक्तिशाली है.
रिमोट से चलने वाले अंडरवाटर व्हीकल की श्रेणी में आने वाले यनतार को कहीं से भी ऑपरेट किया जा सकता है.
पिछले महीने ब्रिटिश सेना ने एक चेतावनी जारी की थी कि "यनतार के ज़रिए रूस ने संचार को रोकने या उसमें रुकावट डालने की क्षमता हासिल कर ली है क्योंकि वो समुद्र में मौजूद तारों को काट सकता है."
यूके डिफ़ेंस स्टाफ़ के प्रमुख एयरचीफ़ मार्शल सर स्टुअर्ट पीच के मुताबिक़ "इंटरनेट और बाक़ी संचार तारों पर ऐसा हमला प्रलय लाने वाला हो सकता है."
नाटो ने समुद्र की सतह पर सेना के काम के तार बिछाए हुए हैं. इसके अलावा धरती हर तरफ़ से फ़ाइबर ऑप्टिक तारों से घिरी है.

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समुद्र में बिछे तार काट सकता है रूस
लंदन में रहने वाले रूसी सेना के जानकार इगोर सूचैगेन के मुताबिक़ "रूस के पास इन तारों के साथ छेड़छाड़ करने की क्षमता है हालांकि ऐसा कोई सबूत नहीं है जो बताए कि रूस ने कभी ऐसा किया है."
बीबीसी से बात करते हुए इगोर ने कहा कि "ऑप्टिकल फ़ाइबर केबल थोड़ा जटिल है, उसमें घुसकर छेड़छाड़ करना मुश्किल है इसलिए उसे काट देना ज़्यादा आसान तरीक़ा है."
इगोर ने बताया कि "1970 में शीत युद्ध के दौरान अमरीकी नौसेना को अटलांटिक समुद्र के अंदर मौजूद पोस्ट से जानकारी मिलनी बंद हो गई. यह पोस्ट आवाज़ के ज़रिए होने वाले संचार पर निगरानी रखती थी."
अमरीकी नौसेना के मुताबिक़ "ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि एक सोवियत पनडुब्बी ने तार काट दिए थे."

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छिपकर कई काम कर सकता है यनतार
रूस की संसदीय रिपोर्ट के मुताबिक़ "यनतार अपनी पनडुब्बी के ज़रिए छिपकर ऐसे कई काम कर सकता है."
पिछले साल अक्तूबर में छपे संसदीय गज़ेट में बताया गया कि "यनतार के पास समुद्र के अंदर गहराई तक जाकर निगरानी करने वाले साधन हैं. इसके अलावा ऐसे यंत्र भी हैं जिन्हें टॉप सीक्रेट संचार केबल से जोड़ा जा सकता है."
2015 में काम शुरू करने वाला यनतार 354 फ़ीट लंबा जहाज़ है जिस पर एक बार में 60 लोग तैनात रहते हैं. बाल्टिक पोर्ट में बनाया गया यनतार प्रोजेक्ट 22010 का हिस्सा है जिसमें जल्दी ही अल्माज़ नाम का एक और जहाज़ शामिल होने वाला है.
रूस के पास जासूसी जहाज़ पहले भी रहे हैं. बीते साल अप्रैल में उनका एक जासूसी जहाज़ तुर्की में हुई एक घटना में डूब गया.
यनतार के पास रूस और कंसोल नाम की दो पनडुब्बी हैं जिनमें तीन लोग बैठ सकते हैं. ये पनडुब्बियां समुद्र में 20 हज़ार फ़ीट की गहराई तक जा सकती हैं.

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अमरीका-यूरोप की जासूसी?
रूस की संसदीय रिपोर्ट में बताया गया कि "2015 की गर्मियों में यनतार को अमरीका के जॉर्जिया नेवल बेस के पास तैनात किया गया था."
रिपोर्ट के मुताबिक़ पेंटागन के अधिकारियों का मानना है कि "रूस यनतार के ज़रिए अमरीकी सबमरीन और समुद्री सेंसर के बारे में जानकारी जुटा रहा था."
नेवल-टेक्नोलॉजी वेबसाइट में छपी एक रिपोर्ट की मानें तो "जॉर्जिया के किंग्स बे नेवल बेस में छह बैलिस्टिक मिसाइल सबमरीन रखी हैं जिनमें से हर एक पर 24 परमाणु मिसाइल मौजूद हैं."
इगोर के मुताबिक़ "किंग्स बे में मौजूद समुद्री सेंसर रूसी सेना के लिए काफ़ी दिलचस्प हो सकते हैं. हो सकता है कि रूस अमरीकी तकनीक की नकल करना चाहता हो."
वॉशिंगटन टाइम्स ने भी यनतार की तार काटने की क्षमता पर चिंता ज़ाहिर की थी.
2016 में यनतार सीरियाई तट के आस-पास घूमता नज़र आया. इसके तार यूरोप से जोड़े गए.
कोवर्ट शोर्स नाम की एक वेबसाइट ने यनतार की अजीबोगरीब गतिविधियों का पता लगाया.
उनकी रिपोर्ट में कहा गया कि "यनतार का केबल के रास्ते पर जगह-जगह रुकना दिखाता है कि उनकी सबमरीन समुद्री सतह पर बिछे तारों की पड़ताल कर रही है."

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तलाश और बचाव में भी इस्तेमाल
यनतार इस वक़्त अर्जेंटीना की एक खोई हुई सबमरीन को ढूंढने में मदद कर रहा है. अर्जेंटीना की यह सबमरीन पिछले साल 15 नवंबर को गायब हो गई. इसमें मौजूद 44 लोगों के बारे में भी अब तक कोई जानकारी नहीं मिल सकी है.
यनतार को इससे पहले भी तलाश और बचाव के काम में इस्तेमाल किया गया है. रूस की संसदीय रिपोर्ट के मुताबिक़ "यनतार ने 2016 में सीरियाई युद्ध के दौरान मेडिटेरेनियन समुद्र में क्रैश हुए दो रूसी फ़ाइटर जेट को ढूंढ निकाला था."
रिपोर्ट में कहा गया कि "यनतार की वजह से दोनों फ़ाइटर जेट के कुछ खुफ़िया यंत्र बचाए जा सके."












