You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
यौन उत्पीड़न के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने वाली महिलाएं बनीं 'टाइम पर्सन ऑफ़ द ईयर'
टाइम मैगज़ीन ने यौन उत्पीड़न और दुर्व्यवहार के खिलाफ आवाज़ उठाने वाली महिलाओं और पुरुषों को 'पर्सन ऑफ़ द ईयर' चुना है. टाइम ने इन्हें 'द साइलेंस ब्रेकर्स' यानी चुप्पी तोड़ने वाली बताया है.
अपने साथ हुए यौन उत्पीड़न को लेकर #MeToo हैशटैग से चलाई एक मुहिम तब शुरू हुई जब कई मशहूर अभिनेत्रियों ने हॉलीवुड के मशहूर निर्माता निर्देशक हार्वी वाइन्सटाइन पर यौन उत्पीड़न के कई आरोप लगाए.
मैगज़ीन का कहना है कि हैशटैग सिर्फ कहानी का एक हिस्सा भर है.
इसके प्रधान संपादक एडवर्ड फेलसेनथाल ने एनबीसी के टुडे कार्यक्रम में कहा, "ये तेज़ी से होता समाजिक बदलाव है जो हमने दशकों में देखा है. इसकी शुरुआत सैकड़ों महिलाओं और कुछ पुरुषों के व्यक्तिगत साहस से हुई जिन्होंने आगे बढ़कर अपनी कहानियां बयां कीं."
अलग-अलग पृष्ठभूमि की महिलाएं
मैगज़ीन ने अपने कवर पर अलग-अलग पृष्ठभूमि की महिलाओं को दिखाकर हर जगह होने वाले यौन उत्पीड़न की झलक पेश की.
कवर पर दो हस्तियों की तस्वीर है- एक एशले जड, जो वाइन्सटाइन के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने वाली पहली महिला थीं. दूसरी पॉप गायिका टेलर स्विफ्ट जिन्होंने एक्स-डीजे के ख़िलाफ़ सिविल मुकदमा जीता था.
टेलर ने एक्स डीजे पर उन्हें ग़लत तरीक़े से पकड़ने का आरोप लगाया था.
तस्वीर में उनके पास खड़ी हैं मैक्सिको की 42 वर्षीय स्ट्रॉबेरी पिकर, इसाबेल पासक्वॉल (ये उनका असली नाम नहीं है.)
उनके अलावा तस्वीर में कैलिफ़ोर्निया के सैक्रामेंटो की रहने वाली 40 की कॉरपोरेट लॉबीइस्ट एडम ईवू और उबर की पूर्व इंजीनियर 26 साल की सुसालन फ़ावलर हैं, जिनके आरोपों के बाद उबर के सीईओ को अपने पद से हटना पड़ा था.
मुहिम से जुड़े और भी कई लोग हैं जो मैगज़ीन के कवर पर तो नहीं हैं, लेकिन इस ख़िताब के हकदार हैं.
अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप टाइम पर्सन ऑफ द ईयर की दौड़ में दूसरे नंबर पर रहे. पिछले साल उन्हें इस ख़िताब से नवाज़ा गया था. मैगज़ीन ने ये ख़िताब देने की शुरुआत 1927 में की थी.
पहले ये 'मैन ऑफ़ द ईयर' था, जिसे बाद में 'पर्सन ऑफ़ द ईयर' कर दिया गया. मैगज़ीन उन लोगों को चुनती है जिन्होंने साल में सबसे अधिक प्रभाव डाला हो.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)