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क्यों ढकनी पड़ी बच्चे को खाना देने वाली मूर्ति?
ऑस्ट्रेलिया के एक स्कूल में अच्छा संदेश देने के लिए स्थापित की गई मूर्ति को ढकना पड़ा है.
ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड में ब्लैकफ्रियर्स प्रॉयरी स्कूल में सेंट मार्टिन डि पोरस की एक मूर्ति बनवाई गई. इस मूर्ति में सेंट मार्टिन एक बच्चे के ब्रेड का टुकड़ा खिलाते हुए दिखाए जा रहे थे.
लेकिन मूर्ति के पूरा बनने के बाद वह कुछ दूसरे ही तरह का संदेश देती हुई प्रतीत होने लगी. असल में मूर्ति में सेंट मार्टिन ने ब्रेड का टुकड़ा अपनी कमर के नज़दीक पकड़ा हुआ था, इससे वह मूर्ति पुण्य कार्य का संदेश देती हुई नहीं दिख रही थी.
स्कूल ने मांगी माफ़ी
स्कूल प्रिंसिपल को जब इसका एहसास हुआ तो उन्होंने फेसबुक पर इसके लिए माफ़ी मांगी और मूर्ति को काले कपड़े ढक दिया गया.
अपनी फेसबुक पोस्ट में स्कूल प्रिंसिपल सिमोन कोबिएक ने लिखा, ''यह मूर्ति बनाने का प्लान एग्ज़िक्यूटिव टीम के ज़रिए मई महीने में लिया गया था.''
''मूर्ति के पूरा बनने के बाद एग्ज़िक्यूटिव टीम ने जब उसे देखा तो उन्हें मूर्ति के ज़रिए कुछ शर्मनाक संदेश का एहसास हुआ.''
प्रिंसिपल ने आगे लिखा, ''मूर्ति को पूरी तरह से ढक दिया गया है और एक मूर्तिकार को इसे दोबारा बनाने का काम दे दिया गया है.''
'इस वजह से पैदा हुई परेशानियों और दुष्प्रचार के लिए स्कूल माफ़ी मांगता है और मूर्ति को बदलने के लिए काम किया जा रहा है.''
मूर्ति को पहले एक कपड़े से ढका गया, लेकिन तब भी मूर्ति में सेंट मार्टिन के हाथ में पकड़ा हुआ ब्रेड का टुकड़ा सभी को पता लग रहा था. फिर उस मूर्ति के चारों तरफ बाड़ जैसा बनाकर उसे ढक दिया गया.
सेंट मार्टिन डि पोरस का जन्म 1579 में हुआ था. उन्हें पेरू के युवाओं के बीच अच्छे काम करने के लिए जाना जाता है, उन्होंने अनाथालय और बच्चों के अस्पताल आदि भी बनवाए थे. सेंट मार्टिन की मृत्यु 1639 में हुई थी.