पिंजड़ा ना होता तो अजगर तोते को निगल चुका होता

यह वाक़या अजगर के मुंह से ज़िंदा निकलने की तरह है. सिंगापुर में कुछ ऐसा ही हुआ है.

एक पालतू तोते को उसके मालिक ने एक विशाल अजगर के मुंह से निकालकर जान बचाई.

सोमवार को पांच फुट लंबा अजगर मेलविन याप के घर में मिला. याप ने देखा कि अज़गर उनके तोते के पिंजरे से लिपटा हुआ था.

याप ने अजगर को एक छड़ी की मदद से निकाला और उसे जानवरों की देखभाल करने वाले समूह को सौंप दिया.

उन्होंने बीबीसी को बताया, उनका तोता निक्की, बिना किसी नुक़सान के बच गया है, लेकिन वो डरा हुआ है.

सिंगापुर में लंबे सांप मिलना सामान्य बात है, क्योंकि यहां काफ़ी वन्य-जीव पाए जाते हैं.

'मैं चीख़ से उठ पड़ा'

याप ने बताया कि सोमवार की सुबह तक वो सो रहे थे, लेकिन घर में तेज़ चिल्लाने की आवाज़ सुनकर नींद खुल गई.

उन्होंने बताया, ''मेरी नौकरानी तोते के पिंजरे की सफाई कर रही थी. अज़गर एकदम उसके सामने था, लेकिन उसकी नज़र नहीं पड़ी. मेरी पत्नी वहां पहुंची और देखकर चिल्लाने लगी. ''

चीख़ सुनते ही याप अपनी 10 साल की बेटी के साथ नीचे आए और उन्होंने अजगर को देखा. तब उन्होंने अजगर को किसी तरह प्लास्टिक के थैले में डाला. इसमें याप की बेटी ने भी उनकी मदद की.

बाद में उन्होंने उसे पुराने और ख़ाली फिश पॉट में डाल दिया ताकि ''उसका दम न घुटे''. फिर उन्होंने एक पशु बचाव दल को फ़ोन किया और वो शाम तक अजगर को ले गए.

लोग हैरान हैं

यह घटना वहां के स्थानीय मीडिया के लिए भी कौतूहल का विषय रहा. इस घटना ने सिंगापुर के लोगों को हैरान कर दिया. फ़ेसबुक पर एक ने लिखा- अजगर को छड़ी और प्लास्टिक के थैले से काबू में कर लिया! सलाम!

याप ने कहा, ''मेरे परिवार को कोई नुक़सान न हो इसलिए मैं इस समस्या को जल्द से जल्द निपटाना चाहता था.''

''अज़गर को पकड़ने के बाद मुझे लगा कि वो हमसे ज़्यादा डरा हुआ था. वह ख़ुद को बचाने की कोशिश कर रहा था.''

उनके परिवार का डर तब कम हुआ जब उन्हें पता चला कि यह एक ऐसा अजगर है, जिसके जहरीले दांत नहीं होते.

अज़गर मिलना सामान्य

याप ने बताया कि जंगल पास होने के कारण कुछ दिन पहले पड़ोस में एक छोटा अजगर मिला था. हालांकि, उन्हें अक्सर मार दिया जाता है.

सिंगापुर एक घनी आबादी वाला द्वीप है. हाल के ही वर्षों में यहां सूअर, बंदर, हिरन, सांप आदि की संख्या में बढ़ोतरी हुई है.

यहां एक बहुत बड़े अजगर की भी शिकायत की जा चुकी है. लोगों पर इनका हमला होना दक्षिण पश्चिम एशिया में एकदम सामान्य है.

लेकिन याप का कहना है कि उन्होंने अजगर को बिल्कुल नुक़सान नहीं पहुंचाया.

46 याप कहते हैं, ''हम पर्यावरण और वन्य जीवों के संरक्षक हैं. हालांकि, मेरी पत्नी को छिपे हुए सांपों को लेकर अब भी चिंता है.''

याप ने कहा, ''निक्की उस डरावने अनुभव से उबरने की कोशिश कर रहा है.''

उन्होंने कहा, ''आमतौर पर हर सुबह उसे चहकना बहुत पसंद है पर मंगलवार सुबह वो खामोश था. मुझे लगता है कि उसे ठीक करने के लिए हमें इसे और सूरजमुखी के बीज देने होंगे.''

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