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ट्रंप के सलाहकार ने रूसी संबंधों पर झूठ बोला
अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के एक चुनाव प्रचार सलाहकार ने स्वीकार किया है कि उन्होंने एफ़बीआई से कथित रूसी बिचौलिए के साथ मुलाक़ात के समय के बारे में झूठ बोला था.
जॉर्ज पापाडोपलस ने माना कि उनकी यह मुलाक़ात चुनाव अभियान के दौरान हुई थी. इस बात से पर्दा कोर्ट के दस्तावेज़ों के सामने आने से हटा है.
उधर ट्रंप के पूर्व कैंपेन मैनेजर पॉल मैनफोर्ट पर टैक्स धोखाधड़ी मामले में मुक़दमा दर्ज किया गया है.
मैनफोर्ट और उनके एक सहयोगी रिक गेट्स के ख़िलाफ़ 12 मामले दर्ज़ किए गए हैं. इसमें एक मामला मनी लॉन्ड्रिग की साज़िश रचने का भी है. हालांकि इसका ट्रंप के चुनावी कैंपेन से संबंध नहीं है, लेकिन यूक्रेन में 2015 तक व्यापारिक सौदों से इसका लेना देना है.
पिछले साल अमरीका में हुए राष्ट्रपति चुनाव में कथित रूसी हस्तक्षेप की जांच चल रही है. इस जांच का नेतृत्व स्पेशल काउंसिल रॉबर्ट म्यूलर कर रहे हैं. हालांकि दोनों पक्ष इस तरह की सांठ-गांठ से इनकार कर रहे हैं.
जॉर्ज पापाडोपलस केस से ट्रंप पर क्या असर पड़ेगा?
इस मामले में ट्रंप को नुक़सान पहुंचाने की क्षमता है, क्योंकि इसका सीधा संबंध उनके चुनावी कैंपेन से है. अदालत के दस्तावेज़ों के मुताबिक ट्रंप के पूर्व विदेश नीति सलाहकार ने पांच अक्टूबर को स्वीकार किया था कि उन्होंने कथित रूसी हस्तक्षेप के मामले में एफ़बीआई की जांच को बाधित किया.
जब इस साल जनवरी महीने में एफ़बीआई ने जॉर्ज पापाडोपलस से पूछताछ की थी तो उन्होंने दावा किया था कि दो रूसियों से उनकी मुलाक़ात मार्च 2016 में ट्रंप के चुवावी कैंपेन में शामिल होने से पहले हुई थी. सच यह है कि यह मुलाक़ात ट्रंप के चुनावी अभियान में शामिल होने के बाद हुई थी.
जॉर्ज पापाडोपलस की जिन दो रूसियों से मुलाक़ात हुई थी उनमें एक महिला थी, जिसका संबंध रूसी सरकार के अधिकारियों से था.
जॉर्ज ने स्वीकार किया है कि उन्होंने उस महिला के संपर्कों का इस्तेमाल चुनावी कैंपेन और रूसी सरकार के अधिकारियों के साथ बैठक के लिए किया था.
जॉर्ज की जिस दूसरे व्यक्ति से मुलाक़ात हुई वो लंदन में प्रोफ़ेसर है. उस व्यक्ति का कहना है कि उसका रूस की सरकार के अधिकारियों से ठोस संबंध हैं.
एक बयान में कहा गया है कि प्रोफ़ेसर ने जॉर्ज पापाडोपलस से मिलने में दिलचस्पी इसलिए दिखाई थी क्योंकि ट्रंप के चुनावी अभियान में उनका बड़ा कद था.
हिलेरी क्लिंटन को 'डर्ट' 'हज़ारों ईमेल्स' में कहा गया है. कहा जा रहा है कि इसका ज़िक्र उस प्रोफ़ेसर ने लंदन के एक होटल में 26 अप्रैल 2016 को किया था. प्रोफ़ेसर ने कहा है कि उन्हें ईमेल्स के बारे में जानकारी मॉस्को दौरे के वक़्त रूसी सरकार के अधिकारियों ने दी थी.
ट्रंप के सहयोगियों का कहना है कि जॉर्ज पापाडोपलस की चुनावी कैंपेन में भूमिका बहुत छोटी थी और उनकी ट्रंप तक पहुंच नहीं थी.
यह धमाकेदार साबित हो सकता है
बीबीसी न्यूज़ वॉशिंगटन के एंटनी ज़र्चर का कहना है कि यह धमाकेदार साबित हो सकता है. जॉर्ज पापाडोपलस ने इस बात को स्वीकार कर लिया है कि जब वो ट्रंप के विदेश नीति सलाहकार थे, तब से ही रूसियों से संपर्क में थे.
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