रॉबर्ट मुगाबे अब नहीं होंगे डब्ल्यूएचओ के गुडविल एंबैसडर

रॉबर्ट मुगाबे

इमेज स्रोत, REUTERS/Philimon Bulawayo

इमेज कैप्शन, ज़िंबाब्वे के राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ज़िंबाब्वे के राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे को गुडविल एंबैसेडर बनाने का अपना फ़ैसला वापस ले लिया है. दुनियाभर में हुई तीखी आलोचना के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ये कदम उठाया.

संगठन के प्रमुख टेड्रोस एडहेनम गेब्रियेसोस ने एक बयान जारी कर कहा, "जो लोग विरोध जता रहे थे मैंने उन सबकी बातें सुनी हैं और जो मुद्दे उठाए गए हैं उनके बारे में समझा है."

उन्होंने कहा, "मैंने ज़िबाब्वे की सरकार से भी बात की है और इस फ़ैसले पर पहुंचा हूं कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के हित में यही बेहतर फ़ैसला है."

इससे पहले उन्होंने सार्वजनिक स्वास्थ्य की दिशा में काम के लिए ज़िंबाब्वे की तारीफ़ की थी.

टेड्रोस ऐडहेनॉम गेब्रीयेसोस

इमेज स्रोत, AFP

इमेज कैप्शन, विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख टेड्रोस ऐडहेनॉम गेब्रीयेसोस

बीते सप्ताह उरुग्वे में हुए एक सम्मेलन में टेड्रोस ने अफ्रीका में नॉन-कम्युनिकेबल डिसिज़ेज़ के गुडविल एंबैसडर के रूप में मुगाबे के नाम की घोषणा की थी.

उनका कहना था, ज़िंबाब्वे एक ऐसा देश है जिसने सभी को स्वास्थ्य सेवा देने के लिए अपनी नीतियों के केंद्र में स्वास्थ्य को प्रमुखता दी है.

उनके इस फ़ैसले को तीखी आलोचना का सामना करना पड़ा था.

विरोध प्रदर्शन

इमेज स्रोत, Getty Images

आलोचकों का कहना था कि मुगाबे के 30 साल के शासन के दौरान ज़िंबाब्वे की स्वास्थ्य सेवा पूरी तरह से चरमरा गई थी. आलोचकों का कहना था कि स्वास्थ्य सेवा में लगे कर्मचरियों को कई बार उनकी तनख्वाह तक नहीं दी गई और दवाइयों की भी काफ़ी किल्लत रही.

ब्रितानी सरकार ने संगठन के इस फ़ैसले को "चौंकानेवाला और निराशाजनक" बताते हुए कहा कि ज़िंबाब्वे का "मानवाधिकार रिकॉर्ड सही नहीं है और इसका असर विश्व स्वास्थ्य संगठन के काम पर पड़ सकता है."

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कहा, "मुझे लगा कि ये एक भद्दा अप्रैल फूल जोक है."

ज़िंबाब्वे में स्वास्थ्य सेवा

इमेज स्रोत, Getty Images

अमरीका के विदेश विभाग का कहना था कि, "साफ़ तौर पर ये फ़ैसला मानवाधिकारों और इंसान की सम्मान की रक्षा के लिए बने संयुक्त राष्ट्र के नीति-निर्देशों के विरोध में है."

ज़िंबाब्वे के मानवाधिकार कार्यकर्ता डग कोलटार्ट ने ट्विटर पर सवाल किया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन को "देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को पूरी तरह बर्बाद कर देने वाले को गुडविल एंबैसडर बना कर कैसा लगा."

सोशल मीडिया पर कई और लोगों ने भी 93 साल के राष्ट्रपति के बारे में लिखा कि देश में किसी व्यक्ति की औसत उम्र से उनकी उम्र तीस साल अधिक है, स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए वो देश के बाहर जाते हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)