इटली में भारतीय मज़दूरों का हो रहा शोषण

- Author, राहुल जोगलेकर
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता, इटली के लातिना से
हज़ारों भारतीय जीविका के लिए उत्तर इटली के लातिना में खेती कर रहे हैं. इनमें से कई अवैध रूप से यहां पहुंचे हैं. ये खेत मालिकों के साथ ही गैंग मास्टरों के शोषण का शिकार हो रहे हैं.
उनकी शिकायत है कि उन्हें उनका पूरा पगार नहीं दिया जाता और इसकी वजह से वो ड्रग्स लेने की ओर मुड़ रहे हैं.

मॉस्को और ऑस्ट्रिया के रास्ते अवैध पहुंचे
अमनदीप (उनका असली नाम नहीं) पंजाब के जालंधर से 10 साल पहले इटली पहुंचे थे. उन्हें मॉस्को और ऑस्ट्रिया के रास्ते यहां अवैध तरीके से पहुंचाया गया था. अवैध आप्रवासी से शुरू कर वो कई सालों से खेतों में काम कर रहे हैं, अब उन्हें वैधता मिल गई है.
वो एक छोटे से कमरे में चार अन्य लोगों के साथ रहते हैं. उन्होंने बीबीसी से कहा, "भारत से यहां आने के लिए 8-10 लाख रुपये खर्च करने पड़ते हैं. और जिस ब्याज दर पर ये पैसा हम उठाते हैं उसे चुकाने में लगभग 5 साल लग जाते हैं, कुछ मामलों में दस साल तक भी लगते हैं.
अमनदीप और अन्य मजदूरों, जिनसे हमने बातें की, के मुताबिक स्थानीय स्थानीय बदमाश मजदूरों से अच्छा व्यवहार नहीं करते और हमेशा उन्हें अपशब्द बोलते और उनका अपमान करते रहते हैं.
खेत के मालिक भी हमें उचित दर नहीं देते, कुछ मामलों में वो करवाए गए कामों के पैसे तक नहीं देते. अगर आपका बकाया 1 हज़ार यूरो (लगभग 76 हज़ार रुपये) है, तो मिलते केवल 300 या 400 हैं. वैसे भी कई लोग हैं जिनका बकाया 6-7 हज़ार यूरो तक है लेकिन उन्हें उसका भुगतान नहीं किया गया है."

गुलामी का आधुनिक रूप
एक अन्य किसान ने कहा कि उनके साथ अक्सर हिंसा की जाती है जिसकी वजह से वो कुछ बोलने से डरते हैं.
लेकिन एक इतालवी सामाजिक कार्यकर्ता मार्को ओमिज़ोलो जो एक चैरिटी चलाते हैं इनकी मदद को आगे आए हैं. उन्होंने भारतीय मजदूरों की ओर से विरोध प्रदर्शन किया था. वो इसे इटली में गुलामी का आधुनिक रूप बताते हैं.
उनका मानना है कि करीब 30 हज़ार भारतीय यहां अवैध रूप कृषि क्षेत्र में काम कर रहे हैं. उनका शोध यह भी बताता है कि कई खेतिहर मजदूर अपने इस दर्द को कम करने के लिए ड्रग्स भी लेने लगे हैं.
वो कहते हैं, "पिछले कुछ सालों में शोषण का पैमाना और गंभीर हो गया है. कई लोग जो लंबे समय तक काम करने और घर से दूर रहने का दर्द नहीं सह पाते वो ओपियम जैसे खतरनाक ड्रग्स लेने लगते हैं."

70 फ़ीसदी भारतीय मजदूर अवैध
डेमियानो कोलेटा लातिना के मेयर हैं. वो मानते हैं कि यह एक समस्या है. 2015 में एक छापे के दौरान 70 फ़ीसदी भारतीय मजदूर अवैध पाए गए थे.
कोलेटा कहते हैं, "हम अब तक इसे छोटी समस्या समझते रहे और राजनीतिज्ञ इस पर ध्यान नहीं देते हैं. कोई इस समस्या पर ध्यान नहीं दे रहा. हम जानते हैं कि ड्रग्स जैसी कई अन्य अवैध गतिविधियां भी चल रही हैं. लेकिन मुझे लगता है कि इससे निपटने के लिए जागरूकता के साथ ही भारतीय मजदूरों तक पहुंचने के भी जरूरत है.
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