टूट की कगार पर स्पेन, कैटलोनिया बनेगा अलग देश?

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स्पेन में कैटलोनिया के अलगाववादी नेताओं ने कहा है कि केंद्र की सरकार कितनी भी कोशिशें कर ले लेकिन जनमत संग्रह होकर रहेगा.
कैटालोनिया के उपराष्ट्रपति ओरियोल जंक्यूरास ने कहा है कि मतदान केंद्रों पर बैलट बॉक्स उपलब्ध होंगे. स्थानीय मीडिया से बात करते हुए उन्होंने भरोसा जताया है कि भारी भीड़ वोट देने के लिए उमड़ेगी. स्पेन इस जनमत संग्रह को विवादास्पद मान रहा है जबकि जनमत संग्रह से पहले कैटालोनिया के नेता कार्लस पुजिमोन्ट ने विवाद पर सरकार के साथ मध्यस्थता की बात कहकर चौंका दिया है.
सरकार ने एक अक्टूबर को स्पेन से अलग होने के लिए जनमत संग्रह कराने की घोषणा की है. कैटेलोनिया की आबादी 75 लाख है और इसकी राजधानी बार्सलोना है.
स्पेन के नेतृत्व ने इस जनमत संग्रह को खारिज कर दिया है और दूसरी तरफ़ अदालतों ने भी इसे रोकने को कहा है. स्पेन की पुलिस ने कैटेलोनिया के अधिकारियों को गिरफ़्तार किया है.
बैलेट को जब्त किया गया है और अहम इमारतों में छापेमारी की गई है. स्पेन की पुलिस पूरी कोशिश कर रही है कि इस जनमत संग्रह को न होने दिया जाए. दूसरी तरफ़ कैटेलोनिया के लोग सड़कों पर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं.
आख़िर यहां आज़ादी की मांग क्यों उठ रही है? क्या यह संभव है?
आप कैटलोनिया के बारे में क्या जानते हैं?
कैटेलोनिया स्पेन के सबसे संपन्न इलाक़ों में से एक है. इसका एक हज़ार साल पुराना अलग इतिहास रहा है. स्पेन में गृह युद्ध से पहले इस इलाक़े को स्वायत्तता मिली हुई थी. 1939 से 75 के बीच जनरल फ्रांसिस्को फ्रैंको के नेतृत्व में कैटेलोनिया को जो स्वायत्तता मिली थी, उसे ख़त्म कर दिया गया.

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जब फ्रैंको की मौत हुई तो कैटेलन राष्ट्रवाद को फिर से हवा मिली और आख़िर में उत्तरी-पूर्वी इलाक़ों को फिर से स्वायत्तता देनी पड़ी. ऐसा 1978 के संविधान के तहत किया गया.
2006 के एक अधिनियम के तहत कैटेलोनिया को और ताक़त दी गई. कैटेलोनिया का वित्तीय दबदबा बढ़ा और उसे एक राष्ट्र के रूप में देखा जाने लगा. लेकिन यह भी बहुत दिनों तक नहीं रहा. स्पेन की संवैधानिक कोर्ट ने 2010 में सारी ताक़त वापस ले ली. इसके बाद से वहां का स्थानीय प्रशासन नाराज़ है.
आर्थिक मंदी और सार्वजनिक खर्चों में कटौती के बाद से स्वायत्तता को लेकर लोगों का ग़ुस्सा और बढ़ गया. कैटेलन्स ने नवंबर 2014 में आज़ादी के लिए एक अनाधिकारिक रूप से मतदान का आयोजन किया था.
54 लाख योग्य मतदाताओं में से 20 लाख से ज़्यादा मतदाता इस मतदान में शरीक हुए थे. इस मतदान के बाद अधिकारियों ने कहा था कि 80 फ़ीसदी लोगों से स्पेन से आज़ाद होने के पक्ष में मतदान किया था.

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कैटेलोनिया में 2015 के चुनाव में अलगाववादियों को जीत मिली थी. इन्होंने चुनाव के दौरान ही जनमत संग्रह कराने का वादा किया था.
कैटेलन संसद ने 6 सितंबर को मतदान के ज़रिए क़ानून बनाया था. बैलट पेपर पर बस एक सवाल है: क्या आप एक गणतंत्र के रूप में कैटेलोनिया को आज़ाद मुल्क बनाना चाहते हैं?
इस सवाल का जवाब देने के लिए दो बॉक्स बने हैं, हां और ना दो विकल्प हैं. इस विवादित क़ानून के तहत कैटेलन चुनाव आयोग जैसे ही नतीजों की घोषणा करेगा उसके दो दिन के भीतर स्वतंत्र देश की घोषणा करनी होगी.
कैटेलोनिया के राष्ट्रपति कार्लस पुजिमोन्ट ने ज़ोर देकर कहा है अब कोई दूसरा कोर्ट या राजनीतिक निकाय नहीं है जो उनकी सरकार की ताक़त छीन ले. दूसरी तरफ़ मैड्रिड ने इस जनमत संग्रह को अवैध क़रार दिया है. प्रधानमंत्री मरिआनो ने शांति और धैर्य रखने की अपील की है. यहां कोई जनमत संग्रह नहीं होगा.
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