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'उत्तर कोरिया एक अपराजेय परमाणु ताकत है'
उत्तर कोरिया ने शनिवार को अपनी स्थापना की 69वीं सालगिरह मनाई.
एक ओर जहां अंतरराष्ट्रीय समुदाय उत्तर कोरिया से निपटने की लगातार कोशिशें कर रहा है तो दूसरी तरफ़ स्थापना दिवस के मौके पर उत्तर कोरिया ने अमरीका के ख़िलाफ़ खड़े होने और एक विश्व स्तरीय सैन्य ताकत की अपनी हैसियत का प्रदर्शन किया है.
जापानी समाचार एजेंसी क्योडो की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ उत्तर कोरिया के सबसे प्रभावशाली अख़बार 'रोडोंग सिनमुन' ने अपने पहले पन्ने पर देश की तारीफ़ करते हुए उसे 'अपराजेय परमाणु ताक़त' कहा है.
'उत्तर कोरिया ने हैसियत हासिल की'
'रोडोंग सिनमुन' का कहना है कि पहले परमाणु बम, फिर हाइड्रोजन बम और यहां तक कि इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल हासिल करने के बाद उत्तर कोरिया ने ये हैसियत हासिल की है.
स्थापना दिवस के मौके पर ज़्यादातर कोरियाई अख़बार लोगों से 'देशभक्ति की अलख' जगाए रखने की अपील करते हुए दिखे.
'रोडोंग सिनमुन' ने अपने संपादकीय में लिखा, "दुनिया के नक्शे पर कभी गर्दिश में रहा उत्तर कोरिया अब एक बार फिर से एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र के तौर पर उभर सका है. हमारे आगे का रास्ता कांटों भरा ज़रूर है, लेकिन उत्तर कोरिया का भविष्य निश्चय ही उज्ज्वल है."
एक अन्य अख़बार 'मिंजु जोसान' ने एक शक्तिशाली समाजवादी देश के निर्माण के लिए लोगों से 'देशभक्ति के भाव से समर्पण दिखाने' की अपील की है.
ट्रंप के पास विकल्प
इससे पहले गुरुवार को अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा था कि उत्तर कोरिया के ख़िलाफ़ सैन्य कार्रवाई उनके प्रशासन की 'पहली पसंद' नहीं है.
तीन सितंबर को उत्तर कोरिया ने दावा किया था कि उसने हाइड्रोजन बम का सफल परीक्षण किया है जिसके बाद उसके परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं.
उत्तर कोरिया का दावा था कि ये बम न केवल ताकतवर है बल्कि छोटा भी है और इसे लंबी दूरी की मिसाइलों पर आसानी से फ़िट किया जा सकता है.
बीते महीने अगस्त में उत्तर कोरिया ने लंबी दूरी की एक मिसाइल का परीक्षण किया था जो जापान के उत्तरी होकैदो द्वीप से पूर्व की ओर क़रीब तीन हज़ार किलोमीटर की दूरी तय करते हुए समुद्र में जा गिरी थी.
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