उ. कोरिया ने नासमझी की तो हम हमले को तैयार: डोनाल्ड ट्रंप

अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमरीकी सेना उत्तर कोरिया से निपटने के लिए हर तरह से तैयार है.

उत्तर कोरिया ने बुधवार को प्रशांत महासागर में अमरीकी द्वीप गुआम पर हमले की धमकी दी थी, तभी से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है.

दोनों तरफ़ से लगातार तीखी बयानबाज़ी जारी है.

डोनल्ड ट्रंप ने ट्वीट कर कहा है, "अगर उत्तर कोरिया कोई नासमझी का कदम उठाता है तो हम सैन्य कदम उठाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं. उम्मीद करता हूं कि किम जोंग उन कोई और रास्ता अपनाएंगे.!"

इससे पहले उत्तर कोरिया ने डोनल्ड ट्रंप को कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु युद्ध के मुहाने पर लाने का आरोप लगाया था.

ख़तरे की चेतावनी

वहीं प्रशांत क्षेत्र के द्वीप में होमलैंड सिक्योरिटी एजेंसी ने शुक्रवार को गुआम के लोगों के लिए मिसाइल हमले के ख़तरे के मद्देनज़र कुछ हिदायतें जारी की हैं.

इसमें कहा गया है, ''अगर आग का गोला दिखे तो उसकी तरफ न देखें, ये आपको अंधा कर सकता है. आप ज़मीन पर सपाट लेट जाएं और अपना सिर ढंक लें. धमाका कुछ दूरी पर हो तो धमाके की लहर के कुछ दूर तक पहुंचने में 30 सेकेंड लग सकते हैं."

डोनल्ड ट्रंप के इस ताज़ा ट्वीट से कुछ घंटों पहले अमरीकी रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस ने इस संकट के शांतिपूर्ण समाधान पर ज़ोर देकर तनाव कम करने की कोशिश की थी.

राजनयिक कोशिशें

कैलिफ़ोर्निया में गुरुवार को जेम्स मैटिस ने कहा कि रक्षा मंत्री होने के नाते उनका काम है कि वो किसी भी संघर्ष के लिए तैयार रहें.

लेकिन उन्होंने कहा कि अमरीकी विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन और संयुक्त राष्ट्र में अमरीकी राजदूत निकी हेली के प्रयासों से राजनयिक नतीजे आ रहे हैं.

उत्तर कोरिया के साथ संभावित युद्ध को देखते हुए अमरीकी सेना की तैयारी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि अमरीका इसके लिए तैयार है लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि वो दुश्मन को पहले से ये नहीं बताएंगे कि वो क्या करने वाले हैं.

वहीं शुक्रवार को उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए ने आरोप लगाया है कि अमरीका 'कोरियाई राष्ट्र पर परमाणु त्रासदी थोपने की आपराधिक कोशिश कर रहा है.'

जुलाई में उत्तर कोरिया ने अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलों का परिक्षण किया उसके बाद तनाव बढ़ गया है.

पिछले हफ्ते उत्तर कोरिया पर संयुक्त राष्ट्र ने नए आर्थिक प्रतिबंध लगाए जिससे उत्तर कोरिया नाराज़ था.

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