मूसल: अल नूरी मस्ज़िद पर इराकी सेना का कब्ज़ा

मूसल

इमेज स्रोत, FERASKILANIBBC

इमेज कैप्शन, बीबीसी संवाददाता फेरस किलानी ने नूरी मस्ज़िद के अंदर से ली है मलबे की ये तस्वीर

इराक़ में चरमपंथियों से संघर्ष कर रही सैनिकों टुकड़ियों ने मूसल शहर की ऐतिहासिक नूरी मस्ज़िद से चरमपंथियों को खदेड़ दिया है.

सैनिकों के साथ मौजूद बीबीसी अरबी के संवाददाता फेरस किलानी बताते हैं कि मस्ज़िद परिसर अभी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है और अभी भी आईएस स्नाइपर और मोर्टार फ़ायर का ख़तरा बना हुआ है.

बीते हफ़्ते इराक़ी सुरक्षाबलों के मूसल शहर में बढ़त बनाने के बाद चरमपंथियों ने नूरी मस्ज़िद और इसकी टेढ़ी मीनार को नेस्तनाबूद कर दिया था.

वीडियो कैप्शन, झुकी मीनार वाली अल-नूरी मस्जिद...

लेकिन रणनीतिक लिहाज़ से ये जगह आज भी दोनों पक्षों के लिए महत्वपूर्ण है.

आईएस चीफ़ अबु बकर अल-बग़दादी ने तीन साल पहले सिर्फ़ एक बार दुनिया के सामने आते हुए इसी मस्ज़िद से कथित संगठन इस्लामिक स्टेट बनाने की घोषणा की थी.

इराक़

इमेज स्रोत, IRAQI JOINT OPERATION COMMAND

बीबीसी संवाददाता ने बताया है कि आर्मी समेत इराक की तमाम एजेंसियों ने गुरुवार को पुराने मूसल शहर में 'अंतिम लड़ाई' नाम का ऑपरेशन शुरू किया है.

लेकिन अभी भी पुराने मूसल शहर में सैकड़ों चरमपंथी मौजूद हैं. आईएस ने इराक से लेकर पड़ोसी मुल्क सीरिया में भी पीछे हटना शुरू कर दिया है. सीरिया में अमरीकी समर्थन प्राप्त कुर्दिश और अरबी लड़ाके इस्लामिक स्टेट से संघर्ष कर रहे हैं.

क्यों खास थी झुकी मीनार वाली नूरी मस्ज़िद?

आईएस नेता अबु बकर अल-बग़दादी ने 2014 में यहीं से एक नया इस्लामिक राज बनाने की घोषणा की थी. इस घोषणा के आठ हफ़्ते बाद ही अबु बकर अल बग़दादी के लड़ाकों ने शहर पर कब्ज़ा कर लिया था.

इस मस्जिद का नाम तुर्क शासक नूर अल-दिन महमूद ज़ांगी के नाम पर रखा गया था. नूर अल-दीन महमूद ज़ांगी मूसल और अलेपो शहर के शासक थे.

नूरी मस्ज़िद

इमेज स्रोत, LIBRARY OF CONGRESS

उन्होंने ईसाइयत के ख़िलाफ़ मुसलमानों को एक कर जिहाद के लिए लामबंद किया था. नूर ने इस मस्जिद को बनाने की घोषणा अपनी मौत से दो साल पहले की थी.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)