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..उन्हें घिसट-घिसट कर विमान की सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ी
जापान के वनीला एयर ने एक विकलांग यात्री से माफ़ी मांगी है, जिन्हें किसी तरह अपने को घसीटते हुए विमान की सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ी.
अमामी द्वीप के लिए उड़ान भरते समय हिदेतो किजिमा अपने दोस्तों की मदद से विमान में सवार हुए थे.
लेकिन वहाँ से वापसी के समय, एयरलाइन के कर्मचारियों ने उनसे कहा कि सुरक्षा कारणों से उन्हें विमान में चढ़ने नहीं दिया जाएगा, अगर वे बिना किसी की मदद से विमान में चढ़ न पाएँ.
इसके बाद किजिमा ने अपने व्हीलचेयर को वहीं छोड़ दिया और अपने हाथों के सहारे अपने को घसीटते हुए विमान की सीढ़ियाँ चढ़े.
किजिमा ने अपने ब्लॉग पोस्ट में अपना अनुभव शेयर किया है. उन्होंने बताया कि वर्ष 1990 में स्कूल में रग्बी के दौरान एक हादसे के कारण कमर से नीचे से वे अपाहिज हो गए.
नए क़दमों की घोषणा
लेकिन इसके बाद वे 158 देशों के 200 से ज़्यादा हवाई अड्डों पर गए हैं. जहाँ कहीं भी विकलांग यात्रियों के लिए सुविधाएँ नहीं होती हैं, वे अपने मित्रों और कर्मचारियों की मदद से विमान पर चढ़े हैं.
हालांकि कई बार यात्राएँ कठिन नहीं हैं, लेकिन उनसे कभी ये नहीं कहा गया कि वे विमान पर नहीं चढ़ सकते.
उन्होंने जापान के निप्पॉन टीवी को बताया कि वे ऐसे कड़े नियम से आश्चर्यचकित थे. उन्होंने बताया- मैंने सोचा कि क्या हवाई अड्डे के कर्मचारियों के ये नहीं पता कि वे ग़लत हैं.
वनीला एयर ऑल निप्पन एयरवेज़ की सस्ती विमान सेवा है. कंपनी ने इस घटना के लिए माफ़ी मांगी है और व्हीलचेयर इस्तेमाल करने वाले यात्रियों के लिए नए क़दमों की भी घोषणा की है.
बुरा बर्ताव
कंपनी ने अपनी वेबसाइट पर लिखा है कि अब वो ऐसे यात्रियों के लिए एक स्पेशल चेयर की व्यवस्था करेगी. कंपनी के प्रवक्ता ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया- हमें इसका दुख है कि हमारे कारण उन्हें इतनी तकलीफ़ हुई.
वैसे इस साल यात्रियों के साथ बुरे बर्ताव की कई घटनाएँ हुई हैं. इस साल अप्रैल में एक वियतनामी-अमरीकी डॉक्टर को यूनाइटेड एयरलाइंस की फ़्लाइट से खींचकर उतारा गया. ये घटना शिकागो की है, जब उन्होंने ख़ुद ही अपना सीट देने से इनकार किया, तो अधिकारियों ने उन्हें खींचकर हटाया.
इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद एयरलाइंस का काफ़ी विरोध हुए, जिसके बाद कंपनी ने अपनी नीति बदली और घायल डॉक्टर को मुआवज़ा भी दिया.
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