ट्रंप का ओबामा पर चुनाव में रूसी छेड़छाड़ मामले में कुछ नहीं करने का आरोप

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अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने अपने पूर्ववर्ती बराक ओबामा पर आरोप लगाया है कि उन्होंने अमरीकी चुनाव में कथित रूसी हस्तक्षेप के मामले में कुछ भी नहीं किया.
ट्रंप ने कहा कि ओबामा को चुनाव से काफ़ी पहले इन आरोपों का पता चल गया था.
उनका ये बयान वाशिंगटन पोस्ट में एक लेख आने के बाद आया है जिसमें कहा गया था कि ओबामा को पिछले अगस्त में रूसी राष्ट्रपति पुतिन के "सीधे लिप्त" होने की जानकारी मिल गई थी.
चुनावों में कथित छेड़छाड़ के इस मामले पर अमरीका में उच्च-स्तरीय जाँच चल रही है.
वाशिंगटन पोस्ट के लेख में कहा गया है कि ओबामा को पिछले साल अगस्त के आरंभ में ही रुसी सरकार के सूत्रों से पता चल गया था कि पुतिन चुनाव को प्रभावित करने वाले एक साइबर अभियान से जुड़े हैं जिससे कि हिलेरी क्लिंटन को नुक़सान पहुँचाया जा सके और ट्रंप को जिताने में मदद की जा सके.
अख़बार ने लिखा है कि ओबामा ने गोपनीय तौर पर रूस को सज़ा देने के बहुत सारे विकल्पों पर चर्चाएँ कीं, मगर अंत में बस एक सांकेतिक क़दम उठाया - 35 राजनयिकों का निष्कासन और दो रूसी परिसरों को बंद करना.
और ये सब दिसंबर के अंत में हुआ, चुनाव के काफ़ी बाद.

आक्रामक मुद्रा में ट्रंप
वाशिंगटन पोस्ट ने लिखा है कि ओबामा को चिंता थी कि इससे कहीं ऐसा ना लगने लगे कि कहीं वही तो इस चुनाव में छेड़छाड़ तो नहीं कर रहे.
वो उपाय जिन पर ओबामा ने विचार किया मगर कार्रवाई नहीं की, उनमें रूसी बुनियादी ढांचों पर साइबर हमले करने और पुतिन को नुक़सान पहुँचाने वाली जानकारियों को सार्वजनिक करने जैसे उपाय शामिल थे.
डोनल्ड ट्रंप ने ट्वीट किया है, "ओबामा प्रशासन को 8 नवंबर से पहले ही चुनाव में रूसी हस्तक्षेप का पता चल गया था. उन्होंने कुछ नहीं किया. क्यों?"
ट्रंप रविवार को फ़ॉक्स न्यूज़ पर एक इंटरव्यू में भी अपने आरोपों को दोहराने वाले हैं जो रविवार को प्रसारित होगा.
इसमें उन्होंने कहा है, "अगर उनके पास सूचना थी, तो उन्होंने इस बारे में कुछ क्यों नहीं किया? उन्हें कुछ करना चाहिए था. पर आपने कुछ नहीं किया. ये दुःखद है."
रूस के साथ संबंध से जूझते ट्रंप
अमरीका में राष्ट्रपति ट्रंप अपने पहले पाँच महीने के कार्यकाल में ट्रंप टीम और रूसी अधिकारियों के बीच सांठगांठ के आरोपों से जूझते रहे हैं.
वो लगातार इससे इनकार करते रहे हैं और जाँच को उन्हें "बदनाम करने का प्रयास" बताते रहे हैं.
अमरीकी जाँचकर्ता ये पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि कहीं रूसी साइबर हैकरों ने अमरीकी चुनाव प्रक्रिया को तो नहीं प्रभावित किया ताकि ट्रंप जीत सकें.
रूस ने इन आरोपों का सख़्ती से विरोध किया है.

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रूस के साथ संबंधों की जाँच
अमरीकी मीडिया के अनुसार विशेष वकील रॉबर्ट म्यूलर ये भी जाँच कर रहे हैं कि ट्रंप ने कहीं रूसी जाँच में बाधा तो नहीं डाली.
इनमें एफ़बीआई प्रमुख जेम्स कोमी की बर्ख़ास्तगी का मुद्दा भी शामिल होगा जो ऐसी ही एक जाँच का नेतृत्व कर रहे थे.
साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइकल फ़्लिन के बारे में एक जाँच को रूकवाने का मुद्दा भी शामिल है जिन्हें बर्ख़ास्त कर दिया गया था.
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