फ्रांस: राष्ट्रपति चुनाव के लिए कड़ी सुरक्षा

फ्रांस में राष्ट्रपति चुनावों के पहले चरण के लिए रविवार को कड़ी सुरक्षा के बीच वोट डाले जाएंगे.

विदेशों में रह रहे करीब 10 लाख फ्रांसीसी नागरिकों ने शनिवार को अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर लिया है.

मतदाताओं के सामने यूं तो 11 उम्मीदवारों का विकल्प है, लेकिन मुख्य मुक़ाबला पाँच उम्मीदवारों के बीच बताया जा रहा है.

ये हैं नेशनल फ्रंट की मैरीन ल पेन, एन मार्श के इमैनुएल मैक्रों, दि रिपब्लिकन्स के फ्रांस्वा फ़ियो, ला फ़्रांस इनसोमाइज़ के जां लुक मेलाशों और सोशलिस्ट पार्टी के बेनवा एमो.

व्यवस्था विरोधी ग्रुप

कुल मिलाकर उम्मीदवारों का यह ग्रुप अब तक का सबसे ज्यादा व्यवस्था विरोधी ग्रुप है.

मतदाताओं की सुरक्षा के लिए 50 हज़ार पुलिसकर्मियों और 5 हज़ार सैनिकों को तैनात किया गया है.

पिछले दिनों राजधानी पेरिस की मुख्य सड़क पर पुलिस बस पर हुए हमले की घटना को देखते हुए सुरक्षा के अतिरिक्त बंदोबस्त किए गए हैं.

शनिवार को पेरिस में पुलिसकर्मियों की पत्नियों ने मार्च निकाला. उन्होंने काले और गुलाबी रंग के गुब्बारे छोड़े. ये गुब्बारे उन अधिकारियों की याद में छोड़े गए जो ड्यूटी के दौरान मारे गए और पीछे अपने परिवार को छोड़ गए हैं.

चु्नाव प्रक्रिया

फ्रांस में राष्ट्रपति चुनाव प्रक्रिया कुछ अलग है.

जनता के चुने हुए प्रतिनिधि पहले राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों का चुनाव करते हैं. इसके बाद मतदान होता है.

पहले चरण में यदि किसी उम्मीदवार को 50 फीसदी या उससे ज्यादा मत नहीं मिलते तो दूसरे चरण का मतदान होता है. फ्रांस में पहले ऐसा कभी नहीं हुआ कि पहले चरण में किसी उम्मीदवार को 50 प्रतिशत मत मिले हों.

दूसरे चरण में पहले चरण में अव्वल रहने वाले दो उम्मीदवारों के बीच मुक़ाबला होता है. जीतने वाला उम्मीदवार एलसी पैलेस यानी फ्रांस के राष्ट्रपति भवन में शपथ लेता है.

पहले और दूसरे नंबर पर रहने वाले प्रत्याशियों के बीच दूसरे और अंतिम चरण का चुनाव 7 मई को होगा.

फ्रांस में राष्ट्रपति चुनाव पर सिर्फ़ यूरोप ही नहीं दुनिया भर की नज़रें टिकी हुई हैं. ख़ासकर अमरीका में डोनल्ड ट्रंप के व्हाइट हाउस पहुँचने और ब्रेक्सिट के बाद.

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