महिला दिवस पर अमरीका में महिलाओं की हड़ताल

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर दुनिया के कई देशों में महिलाएँ हड़ताल, रैलियाँ और प्रदर्शन कर रही हैं.

अमरीका में 'डे विदाउट अ वूमैन' नाम की एक मुहिम के समर्थन में महिला सांसदों ने भी हड़ताल की. इस मुहिम का मक़सद अमरीका में काम करने वाले लोगों के बीच महिला कामगारों की अहमियत को उजागर करना है.

वहाँ माना जा रहा है कि हज़ारों महिलाएँ काम पर नहीं आएँगी या ख़र्च नहीं करेंगीं ताकि अर्थव्यवस्था में महिलाओं की ताक़त को महसूस करवाया जा सके.

अमरीका में न्यूयॉर्क, फ़िलाडेल्फ़िया, बाल्टीमोर, मिलवॉकी, वाशिंगटन, बर्कले, और कैलिफ़ोर्निया में रैलियों की तैयारी की गई है.

कई जगहों पर दफ़्तरों और व्यवसायों ने ख़ुद ही महिलाओं को रैलियों में जाने के लिए छुट्टी दी है.

अमरीका के कुछ हिस्सों में महिला कर्मचारियों के हड़ताल करने के कारण स्कूलों को बंद करने पर मजबूर होना पड़ा.

आयरलैंड के गर्भपात क़ानून का विरोध

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर दुनिया के कई देशों में प्रदर्शन हो रहे हैं.

आयरलैंड में महिलाओं ने गर्भपात क़ानून के विरोध में देश भर में हड़ताल की और काले कपड़े पहने.

लंदन, एम्सटर्डम और कई अन्य शहरों में भी आयरिश क़ानूनों में बदलाव किए जाने की माँग के समर्थन में प्रदर्शन हुए.

पोलैंड में महिलाओं ने हिंसा, समान अधिकार और सम्मान की माँग के साथ रैलियाँ कीं और जुलूस निकाले.

केवल महिला चालकों वाली उड़ानें

जर्मनी में लुफ़्थांसा एयरलाइन ने कहा कि महिला दिवस पर महिला अधिकारों के समर्थन में छह उड़ानें ऐसी होंगी जिनमें चालक दल की सारी सदस्य महिलाएँ होंगी. लुफ़्थांसा के पायलटों में केवल 6% महिला पायलट हैं.

स्वीडन में महिला फ़ुटबॉल टीम ने अपनी जर्सियों के पीछे नामों की जगह ऐसी स्वीडिश महिलाओं के ट्वीट छापे जिन्होंने 'अपने क्षेत्रों में मुक़ाम हासिल करने के लिए संघर्ष किया है'.

आइसलैंड बना पहला देश

आइसलैंड में सरकार ने कहा है कि वो नौकरिया देनेवालों के लिए ये अनिवार्य कर देंगी कि वो कर्मचारियों को लिंग, जातीयता, सेक्सुऐलिटी या राष्ट्रीयता के आधार पर भेदभाव किए बिना समान वेतन देंगीं. आइसलैंड ऐसा एलान करनेवाला पहला देश है.

फ़िनलैंड में सरकार ने 150,000 यूरो के एक नए पुरस्कार का एलान किया जो समानता का अधिकार दिलाने में योगदान करने के लिए दिया जाएगा.

छोटे से देश मॉन्टेनिग्रो में तीन या उससे ज़्यादा बच्चों की माँओं को सरकारी सहायता में कटौती किए जाने के विरोध में प्रदर्शन हुए.

रोमानिया में महिलाओं ने ज़मीन पर लेटकर घरेलू हिंसा में मारी गई महिलाओं के नामों को पुकारा.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)