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धमकी देना बंद करे अमरीका: ईरानी विदेश मंत्री
ईरान के विदेश मंत्री जवाद ज़रीफ़ ने अमरीका से कहा है कि वह धमकी देना बंद करे और उनका देश धमकियों से डरने वाला नहीं है.
ज़रीफ़ ने यह बात जर्मनी के म्यूनिख शहर में होने वाली सुरक्षा सम्मेलन में कही. बीबीसी को दिए इंटरव्यू में जवाद ज़रीफ़ ने ट्रंप प्रशासन पर ईरान को उकसाने और परेशान करने का आरोप लगाया.
उन्होंने कहा कि बैलिस्टिक मिसाइल के हाल के परीक्षण के बाद अमरीका नए प्रतिबंध लगाकर ईरान को उकसाना चाहता है.
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान पर और अधिक प्रतिबंध लगाए जाते हैं तो उनका देश भी जवाबी कार्रवाई करने का अधिकार रखता है.
म्यूनिख में 53 वें सुरक्षा सम्मेलन में अमरीका के उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने भाग लिया था.
पेंस ने अपने संबोधन में ईरान को दुनिया में आतंकवाद को प्रायोजित करने वाला सबसे बड़ा देश करार दिया था.
इसी सम्मेलन के दौरान सऊदी अरब और इसराइल ने भी ईरान को क्षेत्र के लिए सबसे बड़ा ख़तरा बताया था.
जवाद ज़रीफ़ ने कहा कि वह धमकियों से डरने वाले नहीं और धमकी कूटनीति का उपयोगी हथियार नहीं है.
जब उनसे पूछा गया कि इससे क्षेत्र में टकराव और युद्ध की स्थिति पैदा नहीं होगी तो उन्होंने कहा, "मिसाइलें हमारी रक्षा व्यवस्था के लिए हैं, हम किसी के लिए ख़तरा नहीं बनने जा रहे."
उन्होंने कहा कि ईरान का किसी को उकसाने का कोई इरादा नहीं है लेकिन वह अपना बचाव ज़रूर करेगा.
इस बीच अमरीका के उपराष्ट्रपति पेंस ने अफ़ग़ानिस्तान को सहायता जारी रखने का आश्वासन भी दिया.
अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के शासनकाल में ईरान और छह विश्व शक्तियों के बीच ऐतिहासिक परमाणु समझौता हुआ था, हालांकि ज़रीफ़ का कहना है कि अमरीकी नीति पिछले 38 साल यानी ईरान की इस्लामी क्रांति के बाद से ईरान के प्रति कभी भी अनुकूल नहीं रही है.
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