मिसाइल परीक्षण पर ईरान को अमरीका का नोटिस

अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के सुरक्षा सलाहकार ने ईरान की सरकार पर "अहितकर काम" करने का आरोप लगाया है. ईरान ने एक मिसाइल का परीक्षण किया है.

माइकल फ्लाइन ने व्हाइट हाउस के संवाददाताओं से कहा, "आज तो हम ईरान को आधिकारिक रूप नोटिस दे रहे हैं."

अमरीका ने पहले ही कहा था कि परीक्षण "बिल्कुल अस्वीकार्य" है.

ईरान ने बुधवार को इस बात की पुष्टि कर दी थी कि उसने बीते हफ़्ते मिसाइल का परीक्षण किया है. इसके साथ ही उसने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के उल्लंघन से इनकार किया.

माइकल फ्लाइन ने इस बारे में और ब्यौरा नहीं दिया कि इस परीक्षण का जवाब में अमरीका क्या कार्रवाई करने की योजना बना सकता है.

अमरीकी रक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मिसाइल वापस पृथ्वी के वायुमंडल में नहीं आ सका था.

इस परीक्षण ने अमरीका को उकसाया है कि वो ईरान पर संयुकत राष्ट्र के प्रस्ताव 2231 के उल्लंघन का आरोप लगाए.

इस प्रस्ताव में कहा गया था कि ईरान, "परमाणु हथियारों को ढोने में सक्षम बैलिस्टिक मिसाइल से जुड़ी किसी गतिविधि में शामिल नहीं होगा"

दुनिया के छह ताकतवर देशों के साथ ईरान ने 2015 में जो परमाणु समझौता हुआ उसकी पुष्टि करने वाले संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव में ही इस उपाय का प्रावधान है.

व्हाइट हाउस की रोज़ होने वाली प्रेस ब्रीफ़िंग के दौरान माइकल फ्लाइन ने तेहरान पर परमाणु करार को तोड़ने का आरोप नहीं लगाया है.

हालांकि फ्लाइन ने ओबामा प्रशासन के दौर मे हुए करार को "कमज़ोर और अप्रभावी" जरूर कहा. उनका कहना है, "इन समझौतों के लिए अमरीका का अहसानमंद होने की बजाय ईरान अब खुद को साहसी समझ रहा है."

फ्लाइन ने कहा कि हाल ही में सऊदी जंगी जहाज़ के खिलाफ हूथी विद्रोहियों के हमले को "मध्यपूर्व में ईरान की अस्थिर करने वाली रवैये का सबूत है."

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