पाकिस्तान:'अपहृत' सामाजिक कार्यकर्ताओं को लेकर विरोध प्रदर्शन

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पाकिस्तान में पिछले हफ्ते 'अग़वा' किए गए चार सामाजिक कार्यकर्ताओं का पता लगाने की माँग को लेकर हज़ारों लोगों ने सड़कों पर उतरकर विरोध किया है.
इन लोगों ने आशंका जताई कि इन कार्यकर्ताओं को सुरक्षा बलों ने गुप्त तौर पर हिरासत में रखा हुआ है.
इन कार्यकर्ताओं को लेकर अभी तक किसी चरमपंथी समूह ने कोर्इ् ज़िम्मेदारी नहीं ली है. उनके पक्ष में पाकिस्तान के कई प्रमुख शहरों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं.

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यह चारों कार्यकर्ता सोशल मीडिया में सेना और चरमपंथ की आलोचना कर रहे थे.
पाकिस्तान की संसद ने इन चारों के भविष्य पर चिंता जताई.
पाकिस्तान सरकार के अनुसार वह इन चार लोगों में से एक के लापता होने की जाँच कर रही है.
यह मामला पाकिस्तान के मशहूर कवि और प्राध्यापक सलमान हैदर के 'अग़वा' होने से जुड़ा है.
सलमान बलूचिस्तान में लगातार गायब हो रहे लोगों के पक्ष में कैंपेन चला रहे थे.
सेनेटर अफरासियाब खटक के मुताबिक यह सरकार की दादागिरी है और जिन लोगों ने भी इन घटनाओं को अंज़ाम दिया है उन्होंने कानून तोड़ा है. खटक पाकिस्तान के स्वतंत्र मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष रह चुके हैं.

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खटक ने इस्लामाबाद में प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा,"यह देश किसी जनरल,नौकरशाह,पूंजीपति या सामंत का नहीं है, यह देश इस देश की आम जनता का है और हम ऐसी घटनाओं पर चुप नहीं बैठेंगे.'
हाल ही में ग़ायब हुए कार्यकताओं के मामले पर सरकार पर अनदेखी के भी आरोप लग रहे हैं.
पाकिस्तान में पिछले शुक्रवार को सलमान हैदर के अगवा होने से पहले दो ब्लॉग लेखकों वकास गोराया और असीम सईद को लाहौर से अग़वा कर लिया गया था.
इसके अलावा पोलियोग्रस्त ब्लॉगर अहमद रज़ा नसीर को उनकी लाहौर में शेखपुरा स्थित दुकान से अग़वा कर लिया गया था.













