You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
मैंने अमरीकी मुस्लिमों के ख़िलाफ़ भेदभाव ख़त्म किया: ओबामा
'आप कह सकते हैं कि मैं एक लेम डक राष्ट्रपति हूं जिसकी कोई नहीं सुन रहा है.'
ये थे बराक ओबामा के पहले शब्द जब उन्होंने 10 तारीख़ को शिकागो में अपना विदाई भाषण दिया.
बराक ओबामा ने कहा, 'मैंने मुस्लिम अमरीकियों के खिलाफ़ भेदभाव को समाप्त किया.'
भाषण के दौरान उन्होंने इस बात का ज़िक्र किया कि नस्ली मामले में सभी अमरीकियों को और क़दम उठाने की ज़रूरत है.
ओबामा ने कहा ' हमें नस्ली भेदभाव को खत्म करने के लिए बहुत कुछ और करना होगा ताकि वो सभी जो यहां रहते हैं उन्हें ये देश अपना लगे और उन्हें इससे प्यार हो.'
चंद दिनों में ही पद छोड़ने जा रहे राष्ट्रपति का कहना था कि 'हमने सैकड़ो आतंकवादियों का ख़ात्मा किया जिसमें ओसामा बिन लादेन भी शामिल थे.'
उन्होंने कहा कि ग्वांतानामो को बंद करने की कोशिश की गई.
उन्होंने कहा कि इराक़ से अमरीका ने सेना वापस बुलाई, जिस शख़्स ने 9/11 को अंजाम दिया था उसका ख़ात्मा किया गया और आर्थिक स्थिति बेहतर हुई.
ओबामा के कार्यकाल में ईरान और क्यूबा के साथ संबंध बेहतर हुए. दोनों मुल्कों के साथ अमरीका के साथ दशकों से किसी तरह के कोई राजनयिक संबंध नहीं थे.
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र का मतलब ये नहीं कि सब कुछ एक जैसा होगा.
उन्होंने इसी संदर्भ में समलैंगिक अधिकारों की बात की और ज़िक्र किया ग़रीबों को दिए जाने वाली आर्थिक सहायता की.
ओबामा का कहना था कि जो आर्थिक तौर पर कमज़ोर हैं उन्हें दी जानेवाली मदद का विरोध करना और कार्पोरेट को दी जानेवाली तरह-तरह की छूट का समर्थन करना ग़लत है.
उन्होंने कहा कि 'पिछले हफ़्ते मुझे और मिशेल को जितनी शुभकामनाएं मिली हैं हम उससे पूरी तरह ओत-प्रोत हैं.'
ओबामा जैसे ही हाल में आए लोग खड़े हो गए, और हर तरफ़ तालियों की आवाज़ गूंजने लगीं. पूरे भाषण में तालियों का सिलसिला ऐसे ही जारी रहा.
उन्होंने मुस्कुरा कर लोगों का स्वागत किया और फिर हंसकर लेम डक राष्ट्रपति वाली बात कही.
उन्होंने कहा कि जब 'मैं शिकागो तब आया था जब मैं 20 साल का था और अभी तक मैं ये समझने की कोशिश कर रहा हूं कि मैं कौन हूं.'
उनका कहना था कि इस बात कि ज़रूरत है कि बाहरी हमलों के प्रति अमरीका सजग रहे लेकिन उससे अधिक ज़रूरत इस बात की है कि हम उन उसूलों की रक्षा करें जिसके लिए हम जाने जाते हैं.
उन्होंने कहा कि यही वो उसूल हैं जिसकी वजह से रूस और चीन अमरीका की बराबरी नहीं कर सकते हैं.
भाषण की दूसरी प्रमुख बातें:
उन्होंने कहा कि हर तरफ़ बेहतरी के लिए ज़रूरी है कि दिलों में भी बदलाव हो, सिर्फ़ क़ानून काफ़ी नहीं.
उनका कहना था कि बदलाव से घबराने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि बदलाव ही अमरीका की ताक़त है.
उन्होंने कहा कि हालांकि वो पद से हट रहे हैं लेकिन वो अमरीकियों की सेवा करना बंद नहीं करेंगे. उनका कहना था कि वो अब एक आम नागिरक की तरह दूसरों के साथ खड़े होंगे लेकिन वो सिर्फ़ उनमें ही भरोसा न करें, बल्कि लोग ख़ुद में इस बात का भरोसा रखें कि वो बदलाव ला सकते हैं.
मेरे समय में इराक़ से सेना वापस बुलाई गई है.
उन्होंने कहा कि अमरीका आज पहले से अधिक ताक़तवर है.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)