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तुर्की के इस्तांबुल में दो बड़े धमाके, 38 की मौत
तुर्की के इस्तांबुल शहर में हुए दो बड़े बम धमाकों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 38 हो गई है. मरने वालों में अधिकतर पुलिस अधिकारी हैं. रिपोर्टों के मुताबिक 160 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं.
पहला धमाका एक फ़ुटबॉल स्टेडियम के बाहर खड़ी एक पुलिस बस को निशाना बनाकर किया गया. यह धमाका तुर्की की दो मशहूर फ़ुटबॉल टीमों के बीच हुए मैच के एक घंटे बाद हुआ.
इसके कुछ देर बाद ही नजदीक के एक पार्क में एक आत्मघाती बम हमलावर ने खुद को उड़ा लिया. दूसरे धमाके के बाद गोलीबारी की आवाजें सुनी गईं.
तुर्की के गृह मंत्री ने बताया कि इन धमाकों के सिलसिले में 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
इस्तांबुल में मौजूद बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इन हमलों के लिए कुर्दिश अलगाववादियों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है. 16 महीने पहले खत्म हुए संघर्ष विराम के बाद से ही कुर्दिश अलगाववादी सुरक्षा बलों को निशाना बना रहे हैं.
हालांकि अब तक हमले की ज़िम्मेदारी किसी संगठन ने नहीं ली है, लेकिन तुर्की में इससे पहले सुरक्षा बलों पर हुए हमलों के लिए ज़्यादातर कुर्द चरमपंथियों या इस्लामिक स्टेट को ज़िम्मेदार ठहराया जाता रहा है.
घटनास्थल पर एंबुलेंस और पुलिस की गाड़ियों को दौड़ते हुए देखा गया है. टीवी फुटेज में ये भी दिखाया गया है कि स्टेडियम के बाहर लपटें उठ रही हैं.
तुर्की में बड़े शहरों पर चरमपंथी हमलों की घटनाएं हाल के महीनों में बढ़ी हैं जिनमें कई लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है. इस्तांबुल में आखिरी बड़ा हमला जून में एयरपोर्ट पर हुआ था जिसके लिए इस्लामिक स्टेट गुट को जिम्मेदार ठहराया गया था.
तुर्की में हमलों का सिलसिला
20 अगस्त: गाजियानटेप में एक शादी समारोह के दौरान बम धमाका. कम से कम 30 लोग मारे गए. इस्लामिक स्टेट पर संदेह.
30 जुलाई: तुर्की की सेना ने एक सैन्य ठिकाने पर हमले के कोशिश कर रहे 35 कुर्द लड़ाकों को मार गिराया.
29 जून: इस्तांबुल के अतातुर्क एयरपोर्ट पर बम हमला. 41 लोगों की मौत. हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट पर.
13 मार्च: अंकारा में कुर्द चरमपंथियों को आत्मघाती हमला. कार बम धमाके में 37 की मौत.
17 फरवरी: अंकारा में एक फौजी दस्ते पर हमला. 28 की मौत.
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