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सोमवार, 11 मई, 2009 को 02:29 GMT तक के समाचार
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चुनाव के अंतिम चरण का प्रचार थमा
चुनाव प्रचार
अंतिम चरण के मतदान के लिए चुनाव प्रचार जोरों पर है

लोक सभा चुनाव के पाँचवें और अंतिम चरण के मतदान के लिए चुनाव प्रचार सोमवार की शाम समाप्त हो गया.

अंतिम दिन के प्रचार के लिए सभी राजनीतिक दल और उनके राष्ट्रीय चेहरे पूरे ज़ोर शोर से अपने अपने पक्ष में मतदाताओं को खींचते नज़र आए.

पंद्रहवीं लोक सभा के लिए पाँच चरणों में होने वाले चुनाव के अंतिम चरण यानी 13 मई को नौ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की कुल 86 सीटों के लिए वोट डाले जाएंगे.

इस चरण में हिमाचल प्रदेश की चार, जम्मू कश्मीर की दो, पंजाब की नौ, तमिलनाडु की 39, उत्तर प्रदेश की 14, पश्चिम बंगाल की 11, उत्तराखंड की पांच, चंडीगढ़ और पाँडिचेरी की एक-एक सीट के लिए फ़ैसला होना है.

छाए रहे नीतीश

चुनाव प्रचार के आख़िरी दिन अधिकतर भाषणों और प्रेस कांफ्रेंसों में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का नाम सबसे ज़्यादा चर्चा और विवादों में रहा.

नीतीश और मोदी
नीतीश रैली में नरेंद्र मोदी के साथ हाथ मिलाते दिखे

रविवार को नीतीश कुमार लुधियाना में एनडीए की रैली में एकजुटता दिखाने पहुँचे थे. वहाँ नरेंद्र मोदी भी मौजूद थे. इस रैली से पहले नीतीश की राहुल गांधी के मुंह से तारीफ़, नीतीश का कहना कि वो नरेंद्र मोदी के साथ मंच पर नहीं आएंगे जैसी बातों से राजनीतिक हलकों में ख़ासी हलचल थी.

रैली के बाद पटना लौटे मुख्यमंत्री से जब पत्रकारों ने पूछा कि उन्होंने कहा था कि वो नरेंद्र मोदी के साथ एक मंच पर नहीं आएंगे. इसपर वो बोले, मुझे नहीं याद कि मैंने कब ऐसा कहा था.

नीतीश कुमार और शरद यादव ने पटना में यह भी कहा कि उन्हें अपनी धर्मनिरपेक्षता साबित करने के लिए प्रधानमंत्री के प्रमाणपत्र की ज़रूरत नहीं है.

वहीं नीतीश के नरेंद्र मोदी के साथ खुलकर मंच पर आने पर सोमवार को उनके विरोधी लालू प्रसाद और रामविलास पासवान जमकर बरसे.

रामविलास पासवान यह तक कह गए कि अब भेड़िये का असली रूप सामने आ गया है. कल तक वो मुसलमानों के वोट लेने के लिए मेमना बना हुआ था.

आखिरी कोशिश

चुनाव प्रचार के लिए अंतिम दिन सभी राजनीतिक दल पूरा ज़ोर लगाकर मतदाताओं को रिझाते नज़र आए.

लालकृष्ण आडवाणी
 पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने हर हाथ को काम और हर खेत में पानी का नारा दिया था. एनडीए की सरकार बनी को पंडित दीनदयाल उपाध्याय का सपना साकार किया जाएगा

मुख्य गतिविधियों का केंद्र बना पंजाब जहाँ लुधियाना में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह प्रचार करने पहुँचे तो अमृतसर में विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी.

प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर वार करते हुए कहा कि एनडीए में फूट पड़ती नज़र आ रही है और यूपीए फिर सरकार बनाने की स्थिति में है. साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि सरकार बनाने के प्रयास में नाराज़ दलों को मनाया जा सकता है.

वहीं लालकृष्ण आडवाणी ने अमृतसर में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि 16 तारीख का दिन एनडीए का होगा और सरकार एनडीए की ही बनेगी.

उन्होंने कहा, "पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने हर हाथ को काम और हर खेत में पानी का नारा दिया था. एनडीए की सरकार बनी को पंडित दीनदयाल उपाध्याय का सपना साकार किया जाएगा."

वहीं लालू प्रसाद यादव और भाजपा के बीच भी आरोप-प्रत्यारोप का क्रम जारी रहा. दोनों ने एक दूसरे को असफल और हारा हुआ बताकर एक दूसरे पर राजनीतिक हमले किए.

कई दिग्गज हैं दांव पर

चुनाव के अंतिम दौर में केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम, पंचायती राज मंत्री मणिशंकर अय्यर, सड़क परिवहन मंत्री टीआर बालू, संचार मंत्री ए राजा, फ़िल्म अभिनेता विनोद खन्ना और पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू के भाग्य का फ़ैसला होना है.

मतदाता
अंतिम चरण का मतदान 13 मई को है

इस अंतिम चरण में उत्तर प्रदेश की पीलीभीत से वरुण गांधी, आंवला से मेनका गांधी, रामपुर से जयाप्रदा, बदायूं से सलीम शेरवानी और मुरादाबाद से पूर्व क्रिकेटर अज़हरूद्दीन के भाग्य का भी निर्णय होगा.

राजनीतिक पंडितों की नज़र पीलीभीत पर लगी है. इस सीट से वरुण गांधी चुनाव मैदान में हैं. वरुण गांधी अपने बयानों के कारण विवादों में रहे हैं इसलिए उनकी सीट पर सबकी निगाहें हैं.

साथ ही दक्षिणी राज्य तमिलनाडु की ओर भी सभी लोगों की नज़रें टिकी होंगी. राज्य में सभी सीटों पर एकसाथ पाँचवें चरण में ही मतदान होना है.

यहाँ करुणानिधि बनाम जयललिता की लड़ाई और उसमें श्रीलंका के तमिल नागरिकों की स्थिति पर हो रही राजनीति चुनाव परिणामों को प्रभावित करेगी.

हिमांचल और उत्तराखंड की संसदीय सीटों के लिहाज से भी यह चुनाव महत्वपूर्ण है. कम सीटों वाले ये राज्य सत्ता के लिए गठबंधन के समीकरणों में महत्वपूर्ण हो सकते हैं.

भगत सिंह कोष्यारीउत्तराखंड में घमासान
उत्तराखंड में कांग्रेस और भाजपा अपना-अपना दम दिखाने को आतुर.
सुखबीर बादलओए लकी, लकी ओए...
रंगीले राज्य पंजाब के राजनेताओं के उपनाम भी कम रंगीले नहीं है.
वही पुराना समीकरण!
लुधियाना से कांग्रेस उम्मीदवार मनीष तिवारी सरकार बनाने पर आश्वस्त.
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