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'कृषि और रोज़गार को प्राथमिकता देंगे' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
समाजवादी पार्टी (सपा) ने अपने चुनाव घोषणा पत्र में कृषि और रोज़गार मुहैया कराने को पहली प्राथमिकता बनाया है. सपा के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने शनिवार को लखनऊ में घोषणा पत्र जारी करते हुए कहा, "देश में बड़ी आबादी कृषि पर निर्भर है, इससिए मेरी पहली प्राथमिकता कृषि होगी." उनका कहना था, "बेरोज़गारी गंभीर समस्या है और सिर्फ़ नौकरी से बेरोज़गारी नहीं मिटेगी, बल्कि इसके लिए कुटीर और छोटे-छोटे उद्योग-धंधों को बढ़ावा देने की आवश्यकता है." उनका कहना था, "हमने उत्तर प्रदेश में बेरोज़गारी भत्ता योजना शुरू की, इसके तहत बेरोज़गार युवकों को 500 रुपये प्रति महीने दिए जाते थे. जिसे मायावती सरकार ने वापस ले लिया. हम इस स्कीम को पूरे देश में लागू करेंगे." उन्होंने दावा किया कि उनका घोषणा पत्र पन्नों के हिसाब से छोटा ज़रूर है, लेकिन विकासोन्मुखी और रोज़गार दिलाने वाला है. 'सरहद की दीवारें टूटें' आतंकवाद, घुसपैठ और सरहद की सुरक्षा जैसे विषयों पर बात करते हुए सपा अध्यक्ष ने कहा, "सरदह की सुरक्षा मेरी प्राथमिकता में है, लेकिन पड़ोसी देशों से ऐसे रिश्ते होने चाहिए कि सरदह की ज़रूरत ही न पड़े. अगर भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच मधुर संबंध हों तो हम दुनिया में सबसे आगे रहेंगे. जब तक सीमा है, परेशानी रहेगी." भ्रष्टाचार के मसले पर उन्होंने कहा कि यह एक बड़ी समस्या है, लेकिन मुक़दमों के ज़रिए इससे नहीं निपटा जा सकता है. उन्होंने कहा," भ्रष्टाचार मुक़दमेबाज़ी से ख़त्म नहीं होगा, इसका उपाय ये है कि किसी को क़ानून का दुरुपयोग करने की इजाज़त नहीं होनी चाहिए." घोषणा पत्र जारी करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी अंग्रेज़ी माध्यम के स्कूलों और कंप्यूटर के प्रयोग के ख़िलाफ़ है. उनका कहना था, "दफ़्तर में कंप्यूटर के प्रयोग से बेरोज़गारी बढ़ती है, मेरी पार्टी समझती है यदि कोई काम हाथ से किया जा सकता है तो मशीन की कोई ज़रूरत नहीं है." घोषणा पत्र जारी करते हुए मुलायम सिंह ने कांग्रेस पार्टी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर भी टिप्पणी की कहा कि कांग्रेस और मनमोहन सिंह उन्हें अपमानित करते आए हैं. उन्होंने कहा, "एक समय जब प्रधानमंत्री इस्तीफ़ा देने की बात कर रहे थे, सपा ने यूपीए सरकार बचाई, लेकिन सपा को इसका क्या सिला मिला, आप देख सकते हैं. न सिर्फ़ हमें कमतर देखा गया, बल्कि हमें बेइज़्ज़त भी किया गया." |
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