सुप्रीम कोर्ट ने जयललिता को फ़टकारा

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सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता को नसीहत देते हुए कहा है कि सार्वजनिक जीवन में होने के नाते उन्हें आलोचना का सामना करना आना चाहिए और मानहानि के क़ानून का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए.
अदालत ने ऑनलाइन पोर्टल रेडिफ़ डॉट कॉम के खिलाफ़ जयललिता की शिकायत पर सुनवाई करते हुए ये बात कही.
इसी साल जुलाई में जयललिता ने रेडिफ़ डॉट कॉम के खिलाफ़ मानहानि का केस दायर किया था.
उनका आरोप था कि रेडिफ़ ने बिना पक्की जांच पड़ताल के उनकी छवि ख़राब करने के उद्देश्य से उनकी सेहत के बारे में ख़बरें छापीं.
जयललिता की शिकायत के जवाब में सर्वोच्च अदालत ने कहा कि सार्वजनिक जीवन जी रहे लोगों को लोकतंत्र को दबाने के उद्देश्य से मानहानि के कानून का दुरुपयोग करने से बचना चाहिए.
कोर्ट ने अपने विश्लेषण में कहा कि किसी भी सरकारी नीति का विरोध करना मानहानि का केस दायर करने का अधिकार नहीं हो सकता.
साथ ही अदालत ने ये भी कहा कि मुख्यमंत्री की सेहत पर ख़बर करने मात्र से मानहानि की शिकायत नहीं की जा सकती.
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