'रियो के बारे में शोभा डे सही थीं'

शोभा डे

इमेज स्रोत, SHOBHA DE TWITTER ACCOUNT

ओलंपिक मेडल पर ट्रोलर नं 1 पर शोभा डे का खुला खत उन लोगों के नाम है जिन्होंने हाल में उन्हें ट्विटर पर ट्रोल किया था.

8 अगस्त को लेखिका शोभा डे ने ट्विटर पर लिखा, "ओलंपिक में भारत की टीम का लक्ष्य है- रियो जाओ, सेल्फी लो. खाली हाथ वापस आ जाओ. पैसा और मौके दोनों की बर्बादी."

शोभा डे का ट्वीट

इमेज स्रोत, twitter

उन्हें शायद अंदाज़ा नहीं था कि लोग उनके इस बयान पर इतना भड़क जाएंगे और उनको <link type="page"><caption> ट्रोल करेंगे</caption><url href="http://www.bbc.com/hindi/india/2016/08/160809_shobhade_twitter_reaction_sra" platform="highweb"/></link> - उनके लिए अपशब्दों का प्रयोग करेंगे, उन्हें पागल कहेंगे.

अब शोभा डे ने खुद अपने नाम एक ख़त लिख कर उस दिन की ट्रोलिंग का जवाब दिया है. ट्रोलर नं 1 के हवाले से खुद को लिखे उनके इस खत को 'द टाइम्स ऑफ इंडिया' ने छापा है.

शोभा इसमें लिखती हैं "आप मेरी गालियों को तवज्जो नहीं दे रहीं इससे मेरा अपमान हो रहा है. इसलिए मैं अपने गणतांत्रिक अधिकार का उपयोग कर खुला खत लिख रहा हूं."

विजय गोयल

इमेज स्रोत, PTI

उन्होंने तंज कसा है, "भारत ने ओलंपिक में हिस्सा लिया, यही बहुत है. जीतने और हारने से किसी का कोई लेना-देना नहीं. मेडल की बात नहीं की जानी चाहिए. हम ग़रीब देशों के साथ अपनी तुलना क्यों करें, हम तो महान हैं? आखिर हमारे खिलाड़ियों को एक अन्य देश घूमने का मौका मिला, वो भी करदाता के पैसे पर- क्या यह बड़ी बात नहीं? तुम्हारे बाप के पैसों पर नहीं गए. अब अगर सभी खिलाड़ी खाली हाथ आ भी जाते हैं तो हमें बुरा नहीं लगेगा."

इस पर कुछ लोग सोशल मीडिया पर उनको बधाई दे रहे हैं, जबकि कुछ उन्हें ग़लत बता रहे हैं.

शोभा डे के लेख पर प्रतिक्रिया

रेनुका जैन ने लिखा, "क्या बढ़िया लिखा है. जब आप पब्लिक फिगर हों तो ऐसी बात करनी चाहिए जो आपको शोभा दे."

डॉ लुन्यान ने लिखा, "<link type="page"><caption> माइकल फेल्प्स</caption><url href="http://www.bbc.com/hindi/indepth/rio_olympic_cluster_skj" platform="highweb"/></link> ओलंपिक में जितने मेडल लिए वो भारत के 1900 के बाद से जीते कुल 26 मेडल से ज़्यादा हैं. आइए 116 सालों के ख़राब प्रदर्शन के लिए शोभा डे को दोषी ठहराते हैं."

शोभा डे के लेख पर प्रतिक्रिया

बैडमिंटन खिलाड़ी <link type="page"><caption> साइना नेहवाल</caption><url href="http://www.bbc.com/hindi/sport/2016/08/160814_olympic_saina_loses_in_group_du" platform="highweb"/></link> के हारने के बाद राहुल देसाई ने तंज कसा है, "इसका दोष रियो पर लगाओ, व्यवस्था पर लगाओ, ग़रीबी पर, संस्कृति पर, मौसम पर लगाओ... और शोभा डे पर लगाओ"

डिनरॉक्स नाम के एक ट्विटर हैंडल ने लिखा, "मैंने रात भार जागकर मैच देखा कि भारतीय जोड़ी हार गई... शोभा डे के शब्दों में.... मौके को बर्बाद कर दिया."

रौनक ने लिखा, "शायद शोभा डे सही थीं."

शोभा डे के लेख पर प्रतिक्रिया

एसके जैन ने लिखा, "अगर आप रियो में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन को देखें और <link type="page"><caption> विजय गोयल</caption><url href="http://www.bbc.com/hindi/india/2016/08/160812_vijay_goyal_rio_sk" platform="highweb"/></link> को मिली चेतावनी को देखें तो... शोभा डे गलत नहीं थीं."

स्मृति कृष्ण लिखती हैं, "शोभा डे का लेख बताता है कि वे किसी तरह का फीडबैक लेने के लिए तैयार नहीं हैं. स्मार्ट कमबैक किया लेकिन, सही नहीं था."

शोभा डे के लेख पर प्रतिक्रिया

महेंद्र सिंह लिखते हैं, "एक भारतीय होने के नाते उन्हें ऐसा नहीं बोलना चाहिए."

बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉयड ऐप के लिए <link type="page"><caption> यहां क्लिक</caption><url href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi" platform="highweb"/></link> करें. आप हमें <link type="page"><caption> फ़ेसबुक</caption><url href=" https://www.facebook.com/bbchindi" platform="highweb"/></link> और <link type="page"><caption> ट्विटर</caption><url href="https://twitter.com/BBCHindi" platform="highweb"/></link> पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)