'छुट्टी बढ़ाने से कामकाजी औरतों की तादाद बढ़ेगी'

इमेज स्रोत, Labour Ministry
राज्य सभा ने गुरुवार को मैटरनिटी बेनिफिट (संशोधन) बिल 2016 ध्वनिमत से पारित कर दिया है.
राज्य सभा में इस बिल को श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने पेश किया था. इसमें गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली छुट्टी की अवधि 26 हफ़्ते करने का प्रावधान है.
इससे संगठित क्षेत्रों में काम करने वाली करीब 18 लाख महिलाओं को फायदा मिलेगा.
दत्तात्रेय ने कहा, "इस विधेयक का उद्देश्य कामकाजी महिलाओं की तादात बढ़ाना है. कामकाजी लोगों में महिलाओं की हिस्सेदारी दिन प्रति दिन कम हो रही है."
उन्होंने बताया कि ये कानून उन सभी संस्थानों में लागू होगा जहां 10 या उससे ज्यादा लोग काम करते हैं.
दत्तात्रेय ने बताया बिल के कानून बनने के बाद गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली छुट्टी के मामले में भारत तीसरे नंबर पर होगा. भारत से ज्यादा छुट्टी सिर्फ कनाडा और नॉर्वे में दी जाती है. कनाडा में 50 हफ्ते और नॉर्वे में 44 हफ्ते का अवकाश मिलता है.
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