रेप पीड़ितों से नेताओं के मिलने में क्या ग़लत है?

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- Author, दिलनवाज़ पाशा
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
भारतीय जनता पार्टी के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य आज बुलंदशहर गैंगरेप पीड़ितों से मिलने पहुँचे.
मौर्य के साथ कई कार्यकर्ता भी थे. उन्होंने पीड़िता के घर के बाहर पत्रकारों को संबोधित भी किया.
मीडिया संस्थानों ने केशव प्रसाद मौर्य के पीड़ित के घर के बाहर मीडिया को संबोधित करते हुए तस्वीरें भी प्रकाशित की हैं.
मौर्य के इस तरह मीडिया की मौजूदगी में पीड़ित परिवार से मिलने से पीड़ित की पहचान सार्वजनिक होने का सवाल भी उठ रहा है.
वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जय सिंह कहती हैं, "अगर कोई भी किसी भी रूप में बलात्कार पीड़ित की पहचान सार्वजनिक करता है या किसी के ऐसे किसी कृत्य से पीड़ित की पहचान सार्वजनिक होती है तो ये सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का उल्लंघन है."

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उन्होंने कहा, "पीड़ित के स्कूल या गली-मोहल्ले के बारे में जानकारी भी इसके तहत आती है."
वहीं पीड़ित परिवार से मुलाक़ात पर पीड़ित की पहचान सार्वजनिक होने के सवाल पर मौर्य कहते हैं, "मैं पीड़ित परिवार से बंद कमरे में मिला हूँ. मीडियाकर्मी उनके घर के बाहर थे. मैं परिवार के साथ हूँ और रहूंगा."
उन्होंने कहा, "अगर मीडिया ने मेरी तस्वीरें उसके घर के बाहर से प्रसारित की हैं तो ये मीडिया की ग़लती है."
मौर्य ने कहा, "भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश में ख़राब क़ानून व्यवस्था का मुद्दा उठाती रही है और उठाती रहेगी."
उन्होंने कहा, "ये बहुत दर्दनाक और शर्मानक घटना है और आज़म ख़ान जैसे वरिष्ठ व्यक्ति की मामले में बहुत गंदी टिप्पणी है. अखिलेश सरकार की घोर विफलता है, उसके बाद भी आप ये सवाल उठा रहे हैं."
उन्होंने कहा, "मैं पीड़ित परिवार के साथ खड़ा हूँ और उन्हें न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ता रहूंगा. ये हमारी पार्टी से जुड़े व्यक्ति का परिवार है. मैं उसके साथ हूँ और उसे न्याय दिलवाने के लिए पूरा संघर्ष करूंगा."

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इस मामले पर ग़ाज़ियाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक केएस मैनुअल ने बीबीसी से कहा, "हम पूरे मामले की जानकारी लेने के बाद ही कोई टिप्पणी कर पाएंगे.."
मौक़े पर मौजूद रहे एक स्थानीय पत्रकार ने बीबीसी को बताया, "भाजपा अध्यक्ष जब पीड़ित परिवार से मिलने पहुँचे तो उनके काफ़िले की गाड़ियों के हूटर की आवाज़ सुनकर वहां काफ़ी लोग इकट्ठा हो गए थे."
उन्होंने कहा, "पीड़ित परिवार से मिलने भी काफ़ी लोग पहुँच रहे हैं जिससे पीड़ित की पहचान सार्वजनिक हो ही रही है."
हाल ही में दिल्ली महिला आयोग अध्यक्ष स्वाति मालिवाल के पत्रकारों के लिए बनाए गए एक व्हाट्सएप ग्रुप में एक बलात्कार पीड़ित का नाम भेजने पर उनके ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है.
राजस्थान में राज्य महिला आयोग की एक सदस्य के बलात्कार पीड़ित के साथ सेल्फ़ी खींचने पर भी विवाद हुआ था.
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