झारखंड में भक्तों ने गुरू की बलि दी

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- Author, रवि प्रकाश
- पदनाम, रांची से, बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए
झारखंड के गोड्डा जिले के सुदूर गांव में जादू-टोना सीखने आए युवकों ने अपने गुरु की ही गला रेतकर हत्या कर दी है.
बाघ झखरा गांव ठाकुरगंगटी थाने का हिस्सा है. यहां के थाना प्रभारी जीतेंद्र प्रसाद आजाद के अनुसार पुलिस ने दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है.
दोनों अभियुक्तों के नाम बबलू सोरेन और गोपाल सोरेन हैं. दोनों युवक पिछले 15 दिनों से जादू-टोना सिखाने का दावा करने वाले गुरु मिस्त्री हेम्ब्रम उर्फ राम बाबा के साथ रह रहे थे.
अंधविश्वास के कारण वे मानते थे कि गुरु को मार देने से सारी विद्या पर उनका अधिकार हो जाएगा. इस मामले में दोनों अभियुक्त और मारे गए गुरु आदिवासी हैं.

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राम बाबा लोगों को जादू-टोना सिखाते थे. आदिवासियों में उऩकी पकड़ मजबूत थी. उनका ताल्लुक आदिवासी सनातन साफाहोड़ समुदाय से था. उनके पास दूर-दूर से लोग तंत्र साधना के लिए आते थे.
बबलू सोरेन व गोपाल सोरेन ने पुलिस को बताया कि वे अपने एक और भाई और उसकी पत्नी के साथ यहां जादू-टोना सीखने आए थे. 15 दिनों की साधना के बाद उऩकी दीक्षा का समय था. उनका एक भाई अपनी पत्नी के साथ घर वापस लौट गया था.

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थाना प्रभारी जीतेंद्र प्रसाद आजाद के अनुसार इन्हें लगा कि गुरु की ही बलि दे दी जाए, तो उनकी सारी विद्या इन्हें प्राप्त हो जाएगी. फिर इन्होंने देर रात सोते हुए गुरु राम बाबा का गला रेत दिया जिससे उनकी मौत हो गयी.
वरिष्ठ पत्रकार ओम प्रकाश अश्क ने बीबीसी को बताया कि आदिवासियों में अंधविश्वास की परंपरा आज भी कायम है. सरकार को इसके लिए लगातार जागरुकता अभियान चलाना चाहिए. तभी ऐसी घटनाएं रुक सकेंगी.
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